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गणेश चतुर्थी 2026: मिट्टी से लेकर हल्दी तक, इन चीजों से बना सकते हैं खूबसूरत इको फ्रेंडली गणपति

Thu, 10 Sep 2026 02:37 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

DIY Ganpati: इस बार POP और केमिकल वाले रंगों की जगह प्राकृतिक मिट्टी, हल्दी, आटा, गोबर और अन्य पर्यावरण के अनुकूल चीजों से गणपति बनाने की कोशिश करें। छोटे-छोटे बदलावों से त्योहार की खूबसूरती भी बनी रहेगी और पर्यावरण की सुरक्षा में भी योगदान दिया जा सकेगा।
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ईको फ्रेंडली गणेश कैसे बनाएं - फोटो : Ai
गणेश चतुर्थी का त्योहार आस्था, उत्साह और उमंग से भरा होता है। इस दौरान घरों और सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की स्थापना की जाती है और कई दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद गणपति विसर्जन किया जाता है। हालांकि, बदलते समय के साथ त्योहारों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ मनाने की जरूरत भी बढ़ गई है। प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी POP से बनी मूर्तियां और केमिकल वाले रंग जल प्रदूषण का कारण बन सकते हैं। ऐसे में इस गणेशोत्सव इको फ्रेंडली गणपति को अपनाना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
 
इको फ्रेंडली गणपति बनाने के लिए महंगी या मुश्किल से मिलने वाली चीजों की जरूरत नहीं होती। घर पर उपलब्ध प्राकृतिक और आसानी से मिलने वाली सामग्रियों की मदद से भी सुंदर गणपति की मूर्ति बनाई जा सकती है। मिट्टी, हल्दी, आटा, गोबर और प्राकृतिक रंगों जैसी चीजों का इस्तेमाल कर पर्यावरण के अनुकूल मूर्ति तैयार की जा सकती है। खास बात यह है कि ऐसी मूर्तियां विसर्जन के बाद पर्यावरण को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचाती हैं।
 
अगर आप इस बार गणेशोत्सव को थोड़ा अलग और प्रकृति के करीब रहकर मनाना चाहते हैं, तो इन चीजों की मदद से घर पर इको फ्रेंडली गणपति बना सकते हैं।
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घर पर बनाएं गणेश प्रतिमा - फोटो : Ai
प्राकृतिक मिट्टी से बनाएं गणपति
 
इको फ्रेंडली गणपति बनाने के लिए प्राकृतिक मिट्टी या शाडू मिट्टी एक अच्छा विकल्प है। यह पानी में आसानी से घुल सकती है और POP की तुलना में पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल मानी जाती है।
 
मिट्टी को थोड़ा गीला करके अच्छी तरह गूंथ लें। इसके बाद भगवान गणेश की मूर्ति का बेस तैयार करें और धीरे-धीरे सिर, सूंड, कान और हाथों को आकार दें। घर में बच्चों के साथ मिलकर भी यह एक खूबसूरत फेस्टिव एक्टिविटी बन सकती है।
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ईको फ्रेंडली गणेश कैसे बनाएं - फोटो : Ai
हल्दी- मैदा से बनाएं छोटे गणपति 
 
भारतीय घरों में हल्दी को शुभ माना जाता है और पूजा-पाठ में इसका विशेष महत्व है। आप हल्दी, मैदा और थोड़े पानी की मदद से छोटी गणपति प्रतिमा तैयार कर सकते हैं।
 
हल्दी से बनी छोटी मूर्ति पूजा के बाद आसानी से विसर्जित की जा सकती है। हालांकि, मूर्ति बनाते समय केमिकल या कृत्रिम रंगों वाली हल्दी के बजाय शुद्ध और प्राकृतिक हल्दी का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है।

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घर पर बनाएं गणेश प्रतिमा - फोटो : Ai
आटे से बनाएं इको फ्रेंडली गणेश 
 
गेहूं के आटे से भी छोटी और सरल गणपति प्रतिमा बनाई जा सकती है। इसके लिए आटे को पानी की मदद से थोड़ा सख्त गूंथ लें, ताकि मूर्ति को आकार देना आसान हो सके।
 
आटे से बनी गणपति मूर्ति खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है, जो घर पर छोटे स्तर पर गणेश स्थापना करते हैं और प्राकृतिक चीजों का उपयोग करना चाहते हैं।
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घर पर बनाएं गणेश प्रतिमा - फोटो : Ai
गोबर से बनाएं पारंपरिक गणपति
 
ग्रामीण भारत में लंबे समय से गोबर का इस्तेमाल कई पारंपरिक कार्यों में किया जाता रहा है। उपयुक्त रूप से तैयार किए गए गोबर और प्राकृतिक सामग्री से भी गणपति की छोटी मूर्ति बनाई जा सकती है।
 
गोबर से बनी मूर्तियां मिट्टी और प्राकृतिक तत्वों से जुड़ी होती हैं। इन्हें बनाने के बाद सूखने के लिए पर्याप्त समय दें। मूर्ति को सजाने के लिए भी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करना बेहतर रहेगा।
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गणपति कैसे बनाएं - फोटो : Ai
पेपर माशे से बनाएं हल्की गणपति मूर्ति
 
पुराने कागज को पानी में भिगोकर और उसे गूंदकर पेपर माशे तैयार किया जा सकता है। इससे हल्की मूर्ति बनाई जा सकती है। हालांकि, इसे पूरी तरह इको फ्रेंडली बनाने के लिए प्लास्टिक, सिंथेटिक ग्लू और केमिकल पेंट से बचना जरूरी है।
 
पेपर माशे गणपति को सजाने के लिए प्राकृतिक रंगों या पानी आधारित सुरक्षित रंगों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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ईको फ्रेंडली गणेश कैसे बनाएं - फोटो : Ai
बीज वाले गणपति बनाएं
 
आजकल सीड गणपति का चलन भी बढ़ रहा है। ऐसी मूर्ति प्राकृतिक मिट्टी से बनाई जाती है और इसके भीतर पौधों के बीज डाले जाते हैं। विसर्जन के बाद मिट्टी को गमले या बगीचे में रखा जा सकता है, जहां सही परिस्थितियों में बीज अंकुरित हो सकते हैं।
 
यह विचार त्योहार को प्रकृति और हरियाली से जोड़ने का सुंदर तरीका है। हालांकि, बीज वाले गणपति के लिए स्थानीय और उपयुक्त बीजों का चुनाव करना चाहिए।
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