रजनीश कपूर
आर्थिक सुधारों के जनक और 10 वर्ष तक देश की कमान संभालने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार को निधन हो गया। वे भारतीय राजनीति की ऐसी शख्सियत थे, जो बेहद कम बोलते थे। मगर जब बोलते, तो बेहद मजबूती से। हालात कैसे भी विषम हों, हालात कितने भी विकट हों, वे चुपचाप हल निकाल लेते थे। जिनकी खामोशी भी बोलती थी...अब वह शख्सियत हमेशा के लिए मौन हो गई। उन्होंने 92 साल की उम्र में दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। उनकी सादगी के किस्से उस दौर में भी सुनने को मिल जाते थे।
जब भी कोई व्यक्ति किसी बड़े पद पर पहुंचता है तो यह स्वाभाविक है कि वो पद के घमंड में चूर-चूर हो जाता है। परंतु आपको इस बात के कई प्रमाण मिल जाएंगे जब बड़े-बड़े पदों पर बैठे हुए लोग अपनी सादगी नहीं भूलते। इनमें से एक थे देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह। मनमोहन सिंह जी का एक ऐसा किस्सा है जिसे सुनकर आप भी कहेंगे कि सादगी हो तो ऐसी।