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बार-बार बदलने लगा है मूड तो ध्यान दें, कहीं आपके सोने का समय तो नहीं जिम्मेदार

Fri, 20 Sep 2019 10:17 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : pixa
आजकल आप उखड़े-उखड़े रहते हैं। दिन भर आपको चिड़चिड़ापन घेरे रहता है और हर बात में आपको गुस्सा आता है तो सावधान हो जाएं। हो सकता है ऐसा आपके सोने के नियम की वजह से हो। कई बार सोने और जागने का एक नियम न होने की वजह से लोगों को मूड स्विंग के साथ ही और भी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

 
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- फोटो : social media
कुछ दिनों पहले हुए शोध में इस बात का पता चला है कि रात में कम सोने वाले लोग किसी भी बात पर बहुत जल्दी परेशान होने लगते हैं। इसके साथ ही इस तरह के लोगों में तनाव और डिप्रेशन की समस्या भी हो जाती है।

 
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अनिद्रा के शिकार
बहुत से लोग जो अनिद्रा के शिकार होते हैं वो सीधे तौर पर डिप्रेशन से घिरे होते हैं। लेकिन डिप्रेशन के शिकार लगभग 15 प्रतिशत लोग बहुत ज्यादा सोते हैं। जिसकी वजह से भी उनकी मानसिक सेहत पर असर पड़ता है। 

 

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- फोटो : pixa
सेंसेटिव बॉडी
अगर आपको ऐसा लगता है कि आपका शरीर पहले की तुलना में कुछ ज्यादा कमजोर या फिर सेंसेटिव हो गया है तो जरूरत है कि आप अपने सोने के तरीकों पर गौर करें। बहुत बार लगातार लंबे समय तक कम सोने की वजह से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है जिससे शरीर संवेदनशील हो जाता है।

 
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- फोटो : amar ujala
सोने का वक्त निर्धारित न होना
शरीर का अपना बायोलॉजिकल क्लॉक होता है। अगर आपके सोने का वक्त और नींद के घंटे निर्धारित नहीं होंगे तो शरीर का इंसुलिन का स्तर गड़बड़ा जाएगा। जिसकी वजह से टाइप-टू डायबिटीज के होने का खतरा हो जाता है।

 
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रात की नींद दिन में
अगर आप इस भ्रम में रहते हैं कि रात में नींद नहीं पूरी होगी तो दिन में सो लेंगे, तो यह गलत है। क्योंकि ऐसा करने से शरीर का बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ जाता है क्योंकि वह दिन और रात के हिसाब से प्राकृतिक तौर पर निर्धारित रहता है। जब आप रात में पूरी नींद नहीं लेते हैं तो इसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
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