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Health Tips: शरीर में पनप तो नहीं रही है कोई बड़ी बीमारी? समय पर पता लगाने में मदद करेंगे ये चार टेस्ट

Tue, 11 Nov 2025 05:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 30 साल से अधिक आयु वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के आधार पर छह माह-एक साल की अवधि में स्वास्थ्य जांच जरूर कराते रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन-कौन से जांच जरूरी हैं? और इससे किन समस्याओं का निदान किया जा सकता है?
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
ऑफिस का काम हो या घर की जिम्मेदारियां, हम सभी अपने जीवन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि स्वास्थ्य पर ध्यान देना ही भूल जाते हैं। लेकिन यही लापरवाही कई बार बड़ी बीमारियों का कारण बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सभी लोगों को सालभर में कम से कम एक बार कुछ बेसिक हेल्थ टेस्ट जरूर कराने चाहिए। ये टेस्ट न सिर्फ शरीर की अंदरूनी स्थिति के बारे में बताते हैं, बल्कि किसी गंभीर बीमारी के शुरुआती लक्षणों को भी समय रहते पकड़ लेते हैं।

कई बार हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं बिना किसी लक्षण के बढ़ती रहती हैं और जब तक उनका पता चलता है, तब तक नुकसान काफी हो चुका होता है। इसलिए, समय-समय पर जांच कराना बहुत जरूरी हो जाता है।

स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से लक्षण दिखाने शुरू होने से पहले ही बीमारियों का पता लगा सकते हैं, जिससे आपको निवारक उपाय करने में मदद मिलती है।
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सेहत की जांच - फोटो : Adobe Stock Images
30 साल से अधिक आयु वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के आधार पर छह माह-एक साल की अवधि में स्वास्थ्य जांच जरूर कराते रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन-कौन से जांच जरूरी हैं? और इससे किन समस्याओं का निदान किया जा सकता है?

कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट (सीबीसी)

सीबीसी जांच के दौरान खून का सैंपल लिया जाता है जिसके आधार पर एनीमिया, शरीर में संक्रमण, कुछ प्रकार के कैंसर आदि के निदान किया जा सकता है। इस जांच में लाल रक्त कोशिकाएं  (जो ऑक्सीजन को शरीर के अंगों तक ले जाती हैं) और सफेद रक्त कोशिकाओं (जो संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं) की मात्रा की जांच की जाती है। यदि आपका सीबीसी टेस्ट नार्मल है तो साल में एक बार यह जांच कराएं।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
ब्लड शुगर टेस्ट

डायबिटीज गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसके कारण करोड़ों लोग प्रभावित हैं। इसकी जांच के माध्यम से समय रहते रक्त में शुगर की मात्रा का निदान करने में मदद मिलती है। 140 mg/dL से कम रक्त शर्करा का स्तर सामान्य है। खाने के दो घंटे के बाद 200 mg/dL से अधिक की रीडिंग का मतलब है कि आपको मधुमेह है। बढ़े हुए ब्लड शुगर का किडनी, लिवर, हृदय जैसे अंगों पर गंभीर असर हो सकता है, इसलिए समय रहते इस समस्या का निदान और उपचार बहुत आवश्यक है।

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लिवर की बीमारी - फोटो : Adobe stock
लिवर फंक्शन टेस्ट 

लिवर हमारे शरीर में भोजन के पाचन से लेकर अपशिष्टों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है, इसका सही तरीके से काम करते रहना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। लिवर फंक्शन टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल लेकर उसकी जांच की जाती है। परीक्षण में आपके रक्त में कुछ एंजाइमों और प्रोटीन के स्तर को मापा जाता है। इस टेस्ट के माध्यम से हेपेटाइटिस जैसी बीमारी के साथ यह जानने में मदद मिलती है कि लिवर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं?
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थायरॉइ़ड की समस्या - फोटो : Adobe Stock
थायरॉयड टेस्ट

थायरॉयड हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हार्मोन ग्रंथि है। यह मानव शरीर के मेटाबॉलिज्म, विकास और अन्य कार्यों को नियंत्रित करता है। थायराइड फ़ंक्शन टेस्ट (टीएफटी) आमतौर पर थायराइड उत्तेजक हार्मोन (टीएसएच) की मात्रा को संदर्भित करता है। टीएफटी का उपयोग थायरॉयड ग्रंथि विकारों के निदान और उपचार में मदद करती है। महिलाओं में थायरॉयड की समस्या अधिक देखी जाती है, यह जांच हर साल जरूर कराएं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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