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New Year 2026: नए साल की करिए हेल्दी शुरुआत, डिजिटल डिटॉक्स से दूर हो सकती हैं कई समस्याएं

Tue, 30 Dec 2025 08:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • डिजिटल डिटॉक्स आज के समय में स्वास्थ्य सुधार के लिए बड़ी जरूरत है। मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया के कारण बढ़े हुए स्क्रीन टाइम से शारीरिक और मानसिक सेहत पर नकारात्मक असर डाला है। 
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डिजिटल डिटॉक्स जरूरी - फोटो : adobe stock
नया साल 2026 दस्तक दे रहा है। नया साल और नई शुरुआत, जीवन को बेहतर दिशा देने का एक सुनहरा अवसर है। बीते साल की गलतियों से सीख लेकर अगर हम इस साल अपनी सेहत को प्राथमिकता बना लें, तो आने वाला पूरा साल स्वस्थ और बेहतर रह सकता है। लाइफस्टाइल-खानपान में सुधार के साथ नियमित रूप से मेडिकल चेकअप की आदत बनाकर आप भी सेहत में सुधार कर सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, 70 प्रतिशत से ज्यादा बीमारियों की जड़ हमारी खराब जीवनशैली और गड़बड़ खानपान के आदतों से जुड़ी होती है। अगर समय रहते इन पर ध्यान दिया जाए तो कई तरह की दिक्कतों से बचा जा सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि भी सेहत की मजबूत नींव है।

साल 2026 में सेहत को ठीक रखने के लिए रोजाना 30 मिनट की वॉक-योग, आहार में सुधार और तनाव को कंट्रोल करना जरूरी है। इसके साथ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डिजिटल डिटॉक्स की सलाह देते हैं। ये बेहतर कल की तरफ सबसे महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
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मोबाइल फोन से बनाएं दूरी - फोटो : Freepik.com
डिजिटल डिटॉक्स सेहत के लिए जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, डिजिटल डिटॉक्स आज के समय में स्वास्थ्य सुधार के लिए बड़ी जरूरत है। मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया के कारण बढ़े हुए स्क्रीन टाइम से शारीरिक और मानसिक सेहत पर नकारात्मक असर डाला है। इससे नींद की कमी, आंखों की समस्या और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में डिजिटल डिटॉक्स बहुत लाभकारी हो सकता है।

डिजिटल डिटॉक्स यानी मोबाइल, लैपटॉप जैसे उपकरणों के इस्तेमाल को सीमित करना। आइए जानते हैं इसके क्या-क्या फायदे हैं?
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नींद में सुधार - फोटो : Freepik.com
नींद की गुणवत्ता होती है बेहतर

डिजिटल डिटॉक्स करने से आपको नींद से संबंधित समस्याओं में लाभ मिलता है। सोने से पहले मोबाइल या स्क्रीन देखने की आदत नींद को प्रभावित करती है। डिजिटल डिटॉक्स से नींद की गुणवत्ता सुधरती है और शरीर ज्यादा आराम महसूस करता है। जिन लोगों की नींद अच्छी होती है उनमें क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम कम होता है।

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मानसिक तनाव कैसे कम करें? - फोटो : Adobe Stock
मानसिक स्वास्थ्य में सुधार

डिजिटल डिटॉक्स का सबसे बड़ा फायदा मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। लगातार नोटिफिकेशन, मैसेज और सोशल मीडिया अपडेट दिमाग को हमेशा एक्टिव मोड में रखते हैं, जिससे तनाव और चिंता बढ़ती है। जब हम कुछ समय के लिए डिजिटल दुनिया से दूरी बनाते हैं, तो दिमाग को आराम मिलता है और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है। डिजिटल डिटॉक्स करने से मूड बेहतर होता है, चिड़चिड़ापन कम होता है और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा भी घटता है।
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दर्द से कैसे पाएं आराम - फोटो : Adobe Stock
दर्द में मिलता है आराम

लगातार स्क्रीन के सामने बैठने से आंखों में जलन, सिरदर्द, गर्दन और पीठ दर्द जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। डिजिटल डिटॉक्स के दौरान जब स्क्रीन टाइम कम होता है, तो शरीर को हिलने-डुलने और एक्टिव रहने का मौका मिलता है। इससे फिजिकल एक्टिविटी बढ़ती है और लाइफस्टाइल ज्यादा हेल्दी बनती है। आंखों को आराम मिलता है और शरीर की थकान कम होती है।

डिजिटल डिटॉक्स अपनाने से मोटापा, ब्लड प्रेशर और अन्य लाइफस्टाइल बीमारियों का खतरा कम होता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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