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Year Ender 2020: कोरोना की वजह से लोगों ने जाना टीकाकरण का महत्व, विश्व में फैली जागरूकता

Sat, 05 Dec 2020 06:44 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Year Ender 2020: ब्रह्मास्त्र है ‘टीकाकरण’ - फोटो : social media

इस साल की शुरुआत तो कई सारी उम्मीदों के साथ हुई थी लेकिन कोरोना नामक माहमारी ने सबकुछ बदलकर रख दिया। लगभग एक वर्ष होने आया है लेकिन आजतक भी इस भयानक बीमारी का हमें कोई इलाज नहीं मिल पाया है। पिछले महीनों में इसके लक्षणों में भी विविधता पाई गई है। कुल मिलाकर कहें तो कोरोना को लेकर पूरे सालभर में कुछ भी पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सका। लेकिन इसके इलाज को लेकर आज भी जो आखरी ब्रह्मास्त्र हमारे पास है, वह है ‘टीकाकरण’। आज पूरी दुनिया इस होड़ में जूटी है कि कौन सबसे पहले लोगों को वैक्सीन उपलब्ध करवाएगा। 

 

 

 

 

 


 

 

 

 

 

 

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Year Ender 2020:10 वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है - फोटो : iStock

212 वैक्सीन पर चल रहा है काम
यह साल पूरे विश्व में टीकाकरण को समर्पित रहा है। साल के अंत में कोरोना की 212 वैक्सीन पर काम चल रहा है। बड़े-बड़े देश टीके के निर्माण में एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं, जिनमें से भारत भी एक है। पूरी संभावना है कि अगला साल हमारे लिए नई सुबह लेकर आए और दुनिया को कोरोना का टीका मिल जाए। वर्तमान में 10 वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है जिसमें भारत की एक, अमेरिका और चीन की तीन वैक्सीन शामिल है। 

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Year Ender 2020: कोरोना से पहले अबतक 8 वैक्सीन बनाई जा चुकी है - फोटो : pixabay

वैक्सीन का इतिहास
विश्व में सन् 1796 में ब्रिटेन द्वारा पहली वैक्सीन बनाई गई थी जो कि 8 साल के जेम्स फिप्स को लगाई गई थी। इस वैक्सीन का निर्माण स्मॉलपॉक्स से लड़ेने के लिए किया गया था। कोरोना से पहले अबतक 8 वैक्सीन बनाई जा चुकी है, जिसमें से 6 वैक्सीन का निर्माण स्वयं अमेरिका द्वारा किया गया है। इन्फ्लूएंजा, पोलियो, मीजल्स, मम्प्स, रुबेला, इबेला के टीके इनमें शामिल है। 

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Year Ender 2020: वायरस के कारण लोगों ने अपनों को खोया है - फोटो : iStock

ऐसे जाना टीके का महत्व
बचपन में हमने जितने भी टीके लगवाए हैं उनके बारे में हमें पिछले सालों में कभी उतनी जिज्ञासा नहीं हुई जितनी इस वर्ष हुई है। इस वर्ष हम सभी ने टीके से जुड़ी हर खबर को अपने जीवन में बहुत महत्व दिया है। कितने ही सारे लोगों ने इस जानलेवा वायरस के कारण अपनों को खोया है इसलिए भी लोग कोरोना के टीके को इतनी तवज्जो दे रहे हैं। आज टीके को लेकर सभी देश इतने प्रयत्नशील हैं कि जहां विश्व में 10-15 साल में टीके बने हैं, वहां सभी एक वर्ष में परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 

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Year Ender 2020: टीकाकरण रूपी वरदान से आज कई सारे लोग सुरक्षित हैं - फोटो : पिक्साबे

वरदान है टीकाकरण
यह टीकाकरण ही है जिसके कारण विश्व में प्रतिवर्ष लगभग 30 लाख लोगों की जान बचाई जा रही है। विश्व में आज कई 28 ऐसी बड़ी बीमारियांं हैं जिसकी चपेट में आकर आसानी से कोई भी व्यक्ति काल के गाल में समा सकता है लेकिन टीकाकरण रूपी वरदान से आज कई सारे लोग सुरक्षित हैं। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं कि तकनीक ने शोधकर्ताओं का काम पहले से बहुत आसान कर दिया है।  

 
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