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World Vegetarian Day 2020: शाकाहार को लेकर कहीं आपके मन में भी तो नहीं है ये गलतफहमियां, जानें इनकी सच्चाई

Thu, 01 Oct 2020 10:53 AM IST
Shashi Shashi लाइफ स्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शाकाहार - फोटो : pixabay
शाकाहार को लेकर अक्सर लोगों के मन में गलतफहमियां रहती हैं। लोगों को लगता है कि शाकाहारी डाइट के मुकाबले मांसाहारी डाइट ज्यादा पोषक तत्वों से भरपूर होती है। लेकिन शोध के अनुसार जो लोग मांसाहार का सेवन करते हैं उनकी तुलना में शाकाहारी भोजन करने वाले लोगों में दिल की बीमारी, मधुमेह, उच्चरक्तचाप जैसी समस्याओं का खतरा 12 फीसदी तक कम रहता है। शाकाहारी भोजन करने वाले लोग सेहतमंद रहते हैं। फिर भी शाकाहार को लेकर लोगों के मन में कई भ्रांतियां है, आज यानि 1 अक्टूबर को World Vegetarian Day मनाया जाता है। तो चलिए जानते हैं शाकाहार को लेकर लोगों में किस तरह की गलत धारणाएं होती हैं और क्या है इसकी सच्चाई....
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सब्जियां और फल खाएं (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay
अक्सर लोगों में शाकाहार को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी होती है कि शाकाहारी खाने से शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी नहीं हो पाती है। लोगों को लगता है कि मांसाहार ही प्रोटीन का सबसे मुख्य स्तोत्र है। लेकिन शाकाहारी चीजों में भी भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। दालों, सब्जियों, सोयाबीन में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। शाकाहारी लोगों तो सबसे ज्यादा फायदा इस बात का होता है कि जो प्रोटीन उन्हें वनस्पतियों से प्राप्त होता है उसनें कोलेस्ट्राल नहीं होता है। जिसकी वजह से दिल संबंधित परेशानियों की आशंका कम हो जाती है। जबकि मांसाहार में प्रोटीन के साथ कोलेस्ट्राल की मात्रा भी पाई जाती है।
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vegetable - फोटो : pixa
मांसाहारी चीजें जैसे रेडमीट आदि में फाइबर नहीं पाया जाता है। इसमें फैट और कोलेस्ट्राल की मात्रा अधिक होती है जिसकी वजह से यह हमारे शरीर में चर्बी को बढ़ाता है। जिससे मोटापा, रक्तचाप और दिल के लिए नुकसानदेह हो सकता है। मांसाहारी भोजन को पचाने में भी परेशानी होती है। जबकि शाकाहारी चीजों जैसे साबुत अनाज, सब्जियां, फल, ओट्स आदि में फाइबर की मात्रा भी पाई जाती है। जो हमारे वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। फाइबर पाचन के लिए भी सही रहता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ज्यादातर लोगों को गलतफहमी होती है कि शाकाहारी लोगों को पर्याप्त कैलोरी नहीं मिल पाती है जिसकी वजह से वे शारीरिक श्रम करने में कमजोर होते हैं। खेलकूद और पुलिस आदि क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को मांसाहारी भोजन करना चाहिए। लेकिन ये धारणा निराधार है। कई एथलीट और बॉक्सर शाकाहारी हैं। ओलंपिक में भारतीय कुश्ती विजेता सुशील कुमार शाकाहारी भोजन ही करते हैं।
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बच्चों के खाने में सब्जियां और फल शामिल करें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
शाकाहारी डाइट को लेकर लोगों के मन में ये धारणा होती है कि बच्चों को बिना नॉनवेज के पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है। जबकि यह पूरी तरह से सच नहीं है एक हद तक यह बात सही है कि मांसाहार से शरीर को प्रोटीन आदि प्राप्त होता है जो बच्चे के विकास में अहम भूमिका निभाता है। अगर आपका बच्चा शाकाहारी हो तो उसके खाने में दालें, डेयरी प्रोडक्ट, दूध, हरी सब्जियां और फलों को भरपूर मात्रा में शामिल करें। इससे आपके बच्चे को पूरी पोषण मिलेगा।
 
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