थायरॉइड की बीमारी वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। इसका शारीरिक-मानसिक दोनों प्रकार की सेहत पर असर हो सकता है। भारत में थायरॉइड के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इंडियन थायरॉइड सोसाइटी के अनुसार देश में 42 मिलियन (4.2 करोड़) से अधिक लोग थायरॉइड संबंधी विकारों का शिकार हैं। हाइपोथायरॉइडिज्म सबसे आम स्थिति है, जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में थायरॉइड हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाता है।
थायरॉइड विकार के कारण थकान, वजन बढ़ने या कम होने, बाल झड़ने, मूड स्विंग, दिल की धड़कन तेज होने या लगातार कमजोरी जैसे लक्षण बने रह सकते हैं। कम उम्र के लोग भी इस समस्या का शिकार देखे जा रहे हैं।
थायरॉइड विकारों की शीघ्र पहचान और उनके उचित उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 25 मई को विश्व थायरॉइड दिवस मनाया जाता है। इस बीमारी को लेकर लोगों के मन में कई सारे सवाल रहते हैं। एक बड़ा सवाल ये है कि महिला या पुरुष, किसे इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है? आइए इस बारे में जान लेते हैं।