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World TB Day 2024: असम में NIT के 30 छात्र टीबी संक्रमित, क्या 30 की उम्र से पहले भी हो सकती है ये बीमारी?

Sun, 24 Mar 2024 10:34 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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छात्रों में टीबी का संक्रमण - फोटो : istock
ट्यूबरक्लोसिस (तपेदिक रोग-टीबी) को गंभीर श्वसन संक्रमण माना जाता है, इसके कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला टीबी का संक्रमण फेफड़ों को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है। इस गंभीर रोग के रोकथाम को लेकर सरकार के लगातार प्रयासों के बावजूद देश में टीबी के मामले अब भी चिंता का कारण बने हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में असम के सिलचर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के तीस छात्र, टीबी से संक्रमित पाए हैं। छात्रों में इस गंभीर रोग की पुष्टि के कारण परिसर में डर का माहौल देखा जा रहा है। 

अधिकारियों ने बताया, स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने मंगलवार को 200 छात्रों का परीक्षण किया और उनमें से 30 में टीबी के लक्षण पाए गए। उनके सैंपल सिलचर मेडिकल कॉलेज और भेजे गए हैं। बांग्लादेश का एक छात्र इस साल फरवरी में घर से लौटने के बाद इस बीमारी से संक्रमित पाया गया था बाद में उसे आइसोलेट किया गया था। संभवत: उसी के संपर्क में आने के कारण बाकी के छात्र टीबी संक्रमित हो गए हैं।

छात्रों के टीबी से संक्रमित पाए जाने के बाद से लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या कम उम्र के लोग भी इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं?
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युवाओं में टीबी का संक्रमण - फोटो : Pixabay
किसी को भी हो सकती है टीबी

एनआईटी के अधिकारियों ने इस विषय पर मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया है। हालांकि छात्रों के मुताबिक, संस्थान में संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टीबी का संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। इस आयु वर्ग में टीबी की समस्या मस्तिष्क-रीढ़ की हड्डी के आसपास के तरल पदार्थ में गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है, जिसे मेनिनजाइटिस कहा जाता है। बुजुर्गों में टीबी के गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। बैक्टीरिया के कारण युवा-वयस्कों में भी खतरा हो सकता है, इसलिए जरूरी है कि सभी लोगों को टीबी से बचाव करते रहना चाहिए। 
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टीबी के संक्रमण के बारे में जानिए - फोटो : istock
कम उम्र के लोगों में टीबी का जोखिम

दुनियाभर में कम उम्र के लोगों में टीबी की समस्या बड़ा खतरा रही है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने साल साल 2021 में, अमेरिकी राज्यों में कुल 7,882 टीबी मामलों की सूचना दी थी। साल 2021 में, संयुक्त राज्य अमेरिका में 14 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों में टीबी के 317 मामले देखे गए थे। इस साल अमेरिका में टीबी के 4% मामले 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में रिपोर्ट हुए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किसी भी उम्र के लोग संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। कुछ स्थितियां संक्रमण और टीबी रोग का खतरा बढ़ा देती हैं।

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टीबी के कारण फेफड़ों की समस्या - फोटो : istock
टीबी संक्रमण के हो सकते हैं ये जोखिम कारक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ कारकों से संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। टीबी के मरीज के साथ रहना या उसका निकट संपर्क आपमें संक्रमण का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है। इसके अलावा अगर आप वहां रहते हैं जहां पहले से ही टीबी का प्रकोप है तो इस स्थिति में आपके भी संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा जिन लोगों की इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होती है उनके भी संक्रमित होने और टीबी रोग होने का जोखिम अधिक रहता है।
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टीबी से बचाव जरूरी - फोटो : Pixabay
टीबी से कैसे बचें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिन देशों में टीबी की समस्या आम है, वहां शिशुओं को बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) टीका लगाकर संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है। इसके अलावा कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर टीबी या किसी अन्य प्रकार के श्वसन संक्रमण के तेजी से फैलने का खतरा होता है, इसलिए जरूरी है कि कमरे में हवा के आने-जाने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मास्क पहनना भी श्वसन संक्रमणों के खतरे से आपको सुरक्षित रखने का प्रभावी तरीका हो सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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