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विश्व स्ट्रोक दिवस 2026: अचानक हाथ-पैर में कमजोरी या लड़खड़ाने लगी जुबान? ये हो सकते हैं स्ट्रोक के संकेत

Mon, 26 Oct 2026 09:47 AM IST
श्रुति गौड़ हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Stroke Day 2026: विश्व स्ट्रोक दिवस पर जानें ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण, कारण और बचाव के उपाय। सही समय पर सही इलाज मरीज की हालत को बिगड़ने से रोक सकता है। 
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विश्व स्ट्रोक दिवस पर जानें इसके शुरुआती लक्षण - फोटो : AI
World Stroke Day 2026: विश्व स्ट्रोक दिवस हर साल 29 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को स्ट्रोक यानी ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों, कारणों और बचाव के प्रति जागरूक करना है। स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें मस्तिष्क के किसी हिस्से तक खून की आपूर्ति बाधित हो जाती है या मस्तिष्क की रक्त वाहिका फट जाती है। ऐसी स्थिति में दिमाग की कोशिकाएं तेजी से क्षतिग्रस्त होने लगती हैं।

स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर इलाज मिलने से जान बचाने और स्थायी दिव्यांगता के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। आज हम आपको इसी के बारे में डिटेल में जानकारी देंगे। 
 
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विश्व स्ट्रोक दिवस पर जानें इसके शुरुआती लक्षण - फोटो : AI
स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

स्ट्रोक के लक्षण अक्सर अचानक दिखाई देते हैं। इन्हें पहचानने के लिए BE FAST तरीका याद रखा जा सकता है।
 
  •  B – Balance (संतुलन): अचानक चक्कर आना, चलने में परेशानी या संतुलन बिगड़ना।
  •  E – Eyes (आंखें): एक या दोनों आंखों से अचानक धुंधला दिखना या नजर कमजोर होना।
  •  F – Face (चेहरा): चेहरे का एक तरफ झुक जाना या मुस्कुराने पर चेहरा असमान दिखना।
  •  A – Arms (हाथ): एक हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन।
  • S – Speech (बोलना): बोलने में लड़खड़ाहट, शब्द समझने या बोलने में परेशानी।
  • T – Time (समय): तुरंत इमरजेंसी सहायता लें। लक्षण शुरू होने का समय नोट करें।

इसके अलावा अचानक तेज सिरदर्द, भ्रम या चलने में परेशानी भी स्ट्रोक का संकेत हो सकती है।

 
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विश्व स्ट्रोक दिवस पर जानें इसके शुरुआती लक्षण - फोटो : AI
 
 स्ट्रोक कितने प्रकार का होता है?

स्ट्रोक मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है।

1. इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke)

इसमें खून का थक्का मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी को बंद कर देता है। यह स्ट्रोक का सबसे आम प्रकार है।

2. हेमरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic Stroke)

इसमें मस्तिष्क की कोई रक्त वाहिका फट जाती है और आसपास खून बहने लगता है। अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर इसका एक प्रमुख जोखिम कारक है।

 

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विश्व स्ट्रोक दिवस पर जानें इसके शुरुआती लक्षण - फोटो : AI
स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारक
  •  हाई ब्लड प्रेशर
  •  डायबिटीज
  • बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल
  • धूम्रपान और तंबाकू का सेवन
  •  मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी
  •  हृदय की कुछ बीमारियां, खासकर एट्रियल फिब्रिलेशन
  • अत्यधिक शराब का सेवन
  •  पहले स्ट्रोक या मिनी स्ट्रोक का इतिहास

स्ट्रोक किसी भी उम्र में हो सकता है, हालांकि बढ़ती उम्र के साथ इसका जोखिम बढ़ता है।

 
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विश्व स्ट्रोक दिवस पर जानें इसके शुरुआती लक्षण - फोटो : AI
 स्ट्रोक आने पर तुरंत क्या करें?
 
  • तुरंत स्थानीय इमरजेंसी सेवा या एम्बुलेंस को फोन करें।
  • लक्षण शुरू होने का सही समय नोट करें।
  • मरीज को खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने न दें।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना एस्पिरिन या दूसरी दवा न दें, क्योंकि स्ट्रोक रक्तस्राव के कारण भी हो सकता है।
  • मरीज को खाने-पीने के लिए कुछ न दें, क्योंकि निगलने में परेशानी हो सकती है।
  • लक्षण ठीक होने का इंतजार न करें।

स्ट्रोक के इलाज में समय बहुत महत्वपूर्ण है। कुछ मरीजों को शुरुआती घंटों में खून का थक्का घोलने वाली दवा या विशेष प्रक्रिया से लाभ मिल सकता है। इलाज का चुनाव स्ट्रोक के प्रकार, समय और जांच के परिणामों पर निर्भर करता है।

 
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विश्व स्ट्रोक दिवस पर जानें इसके शुरुआती लक्षण - फोटो : AI
स्ट्रोक से बचाव कैसे करें?
  • ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।
  •  नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें।
  • धूम्रपान छोड़ें।
  •  कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।
  • पर्याप्त नींद लें और वजन नियंत्रित रखें।
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं नियमित लें।
  •  हृदय संबंधी समस्याओं का समय पर इलाज कराएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: ये रूपायन में प्रकाशित कंटेट है। अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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