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World Sight Day 2023: आंखों को रखना है स्वस्थ और रोशनी तेज, ये टिप्स आपके लिए हैं बहुत लाभकारी

Thu, 12 Oct 2023 12:06 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आंखों की सेहत का रखें ख्याल - फोटो : iStock
आंखें ईश्वर का वरदान हैं, यही शरीर का वो हिस्सा हैं जो हमें दुनिया की खूबसूरती का एहसास कराती हैं। हालांकि समय के साथ लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण इससे संबंधित जोखिम बढ़ते जा रहे हैं। मोबाइल-कंप्यूटर्स पर अधिक समय बिताना हो या फिर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियां, इन सभी के कारण आंखों की सेहत पर नकारात्मक असर देखा जा रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका में अंधापन और कम दृष्टि के प्रमुख कारणों में मुख्य रूप से  मोतियाबिंद, मधुमेह संबंधी रेटिनोपैथी और ग्लूकोमा जैसी बीमारियां हैं।

आंखों से संबंधित बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में लोगों का ध्यान आकर्षित करने और बचाव के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल अक्तूबर माह के दूसरे गुरुवार को वर्ल्ड साइट डे मनाया जाता है। इस बार का थीम है- अपनी आंखों से प्यार करें' है, कार्यस्थल पर आंखों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

आइए जानते हैं कि आंखों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
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स्वस्थ और पौष्टिक आहार - फोटो : istock
अच्छा आहार आंखों के लिए जरूरी

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आपका आहार स्वस्थ और पौष्टिक हो। थाली में कई रंगों वाली सब्जियों-फलों को दैनिक आहार का हिस्सा बनाएं। ओमेगा-3 फैटी एसिड, ल्यूटिन, जिंक और विटामिन-सी और ई जैसे पोषक तत्व मैक्यूलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद जैसी उम्र से संबंधित दृष्टि समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल और कोलार्ड, फैटी फिश, अंडे, नट्स, बीन्स आदि आंखों की सेहत के लिए लाभकारी हैं।


विश्व दृष्टि दिवस पर ये वीडियो देखें-

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धुम्रपान से कई प्रकार के रोगों का खतरा - फोटो : Pixabay
धूम्रपान से बिल्कुल दूरी

धूम्रपान सिर्फ फेफड़ों के लिए ही हानिकारक नहीं है, इससे आंखों की सेहत पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। अध्ययनों में धूम्रपान को मोतियाबिंद, ऑप्टिक तंत्रिका को क्षति पहुंचाने और मैक्यूलर डीजेनरेशन के खतरे को बढ़ाने वाला पाया गया है। धूम्रपान छोड़कर इस तरह के खतरे को कम किया जा सकता है। डॉक्टर कहते हैं, धूम्रपान छोड़ना आपके नियंत्रण में है जो आपकी दृष्टि को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में मददगार हो सकता है। 

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मोबाइल से आंखों को नुकसान - फोटो : istock
स्क्रीन टाइम को करें कम

स्क्रीन पर बहुत अधिक समय बिताने वाले लोगों में समय के साथ आंखों से संबंधित कई तरह की बीमारियों के विकसित होने का खतरा रहता है। मोबाइल-कंप्यूटर या टेलीविजन जैसे स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी आंखों के लिए बहुत हानिकारक हो सकती है। अमेरिकन ऑप्टोमेट्रिक एसोसिएशन इस तरह के जोखिमों को कम करने के लिए 20/20/20 नियम की सिफारिश करता है। इसमें हर 20 मिनट में कम से कम 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड के लिए ध्यान से देखने की सलाह दी जाती है। पलकों को झपकाते रहना भी बहुत जरूरी है। 
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आंखों की नियमित जांच जरूरी - फोटो : Pixabay
नियमित रूप से कराएं आंखों की जांच

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों के लिए नियमित नेत्र परीक्षण की आवश्यकता होती है, यहां तक कि छोटे बच्चों को भी। यह आपकी आंखों में होने वाली किसी भी समस्या को पहचानने और समय रहते उसे ठीक करने के लिए जरूरी है। डॉक्टर कहते हैं सभी लोगों को साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच करानी चाहिए, यदि आंखों के रोगों की फैमिली हिस्ट्री रही है तो साल में दो बार जांच कराएं। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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