World Rabies Day: कुत्ते के काटने पर आपको कब रेबीज की वैक्सीन लगवानी है, आज हम आपको इसी बारे में बताएंगे। ये जानकारी हर किसी के लिए काफी अहम होने वाली है।
विज्ञापन
1 of 5
कुत्ते के काटने के बाद कितने घंटे में लगवाएं रेबीज का टीका?
- फोटो : AI
World Rabies Day: कुत्ते के काटने को अक्सर लोग मामूली चोट समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर कुत्ता रेबीज से संक्रमित हो तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। रेबीज एक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित जानवर की लार के जरिए काटने, खरोंचने या खुले घाव पर लार लगने से फैल सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लक्षण दिखाई देने के बाद रेबीज लगभग हमेशा जानलेवा होती है, जबकि समय पर सही इलाज से इसे रोका जा सकता है।
हम सभी को ये समझने की जरूरत है कि हर कुत्ते के काटने पर एक जैसा इलाज जरूरी नहीं होता; चोट कितनी गहरी है, खून निकला या नहीं और लार का संपर्क किस तरह हुआ, इसके आधार पर डॉक्टर रेबीज वैक्सीन और जरूरत पड़ने पर रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन की सलाह देते हैं। इसलिए 28 सितंबर को मनाए जाने वाले वर्ल्ड रेबीज डे के मौके पर यह जानना जरूरी है कि कुत्ते के काटने के बाद तुरंत क्या करना चाहिए और कब वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है।
विज्ञापन
2 of 5
कुत्ते के काटने के बाद कितने घंटे में लगवाएं रेबीज का टीका?
- फोटो : AI
कुत्ते के काटने के बाद सबसे पहले क्या करें?
कुत्ते के काटने या खरोंचने के बाद घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर रेबीज के जोखिम का आकलन करवाना चाहिए। घाव पर मिर्च, चूना, तेजाब या अन्य जलन पैदा करने वाली चीजें लगाने से बचना चाहिए।
विज्ञापन
3 of 5
कुत्ते के काटने के बाद कितने घंटे में लगवाएं रेबीज का टीका?
- फोटो : AI
कब जरूरी होती है रेबीज वैक्सीन?
सिर्फ छूने या स्वस्थ त्वचा पर जानवर के चाटने की स्थिति में आमतौर पर रेबीज वैक्सीन की जरूरत नहीं होती।
बिना खून निकले मामूली खरोंच या खुले हुए हिस्से की त्वचा को कुत्ते द्वारा हल्का काटना या निबल करना रेबीज एक्सपोजर माना जाता है और इसमें वैक्सीन की जरूरत पड़ सकती है।
गहरा काटना, खून निकलना, त्वचा के टूटे हिस्से पर लार लगना या आंख और मुंह जैसी म्यूकस मेम्ब्रेन पर लार का संपर्क गंभीर एक्सपोजर हो सकता है।
ऐसी स्थिति में वैक्सीन के साथ रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन की जरूरत पड़ सकती है।
4 of 5
कुत्ते के काटने के बाद कितने घंटे में लगवाएं रेबीज का टीका?
- फोटो : AI
वैक्सीन कब शुरू करनी चाहिए?
रेबीज के संभावित संपर्क के बाद इलाज शुरू करने में देरी नहीं करनी चाहिए। तत्काल डॉक्टर के पास जाने पर वो जोखिम का आकलन करके वैक्सीन और अन्य जरूरी उपचार तय करते हैं। पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस के लिए वैक्सीन का शेड्यूल इस्तेमाल की जाने वाली विधि के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए डॉक्टर द्वारा निर्धारित सभी डोज समय पर लेना जरूरी है।
कुत्ते के काटने के बाद कितने घंटे में लगवाएं रेबीज का टीका?
- फोटो : AI
क्या कुत्ता स्वस्थ दिख रहा हो तो वैक्सीन छोड़ सकते हैं?
सिर्फ कुत्ते के सामान्य दिखने के आधार पर खुद से वैक्सीन छोड़ने का फैसला नहीं करना चाहिए। संभावित रेबीज एक्सपोजर होने पर स्वास्थ्यकर्मी से जोखिम का आकलन करवाना जरूरी है। कुछ परिस्थितियों में जानवर को प्रशिक्षित व्यक्ति की निगरानी में 10 दिनों तक देखा जा सकता है, लेकिन ऐसी निगरानी के कारण पीड़ित को चिकित्सा सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।