पोलियो एक गंभीर संक्रामक और जानलेवा बीमारी है। पोलियोवायरस के कारण होने वाला ये संक्रमण मुख्यरूप से 5 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। इससे रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है जिससे लकवा और गंभीर स्थितियों में मृत्यु हो सकती है।
पोलियो को खत्म करने के लिए दुनियाभर में दशकों से अभियान चलाए जा रहे हैं। बड़े पैमाने पर टीकाकरण और जागरूकता के कारण इस बीमारी के मामलों में काफी कमी आई है, लेकिन इसके पूरी तरह खत्म होने का लक्ष्य अब भी हासिल नहीं हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के यूरोपीय क्षेत्र को साल 2002 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था। भारत भी साल 2011 में इस बीमारी से मुक्त हो चुका है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान में इसके मामले अब भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में पोलियो का सीमित क्षेत्रों में बने रहना भी चिंता का विषय है। अब सवाल ये है कि पोलियो को विशेषज्ञ इतना खतरनाक क्यों मानते हैं और इससे क्या खतरे हो सकते हैं?