पार्किंसंस हो जाए तो क्या करें?
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कैसे जानें किसी को पार्किंसंस रोग तो नहीं?
पार्किंसंस मुख्यरूप से नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर है जिसमें मोटर और नॉन-मोटर लक्षण दिखते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में कंपकंपी, यहां तक कि आराम करते समय भी हाथ-पैर कांपते रहने की दिकक्त हो सकती है।
- कई लोगों की मांसपेशियों में अकड़न और पोस्चर में गड़बड़ी भी हो सकती है।
- सूंघने की क्षमता में कमी, नींद में गड़बड़ी और पोस्चर की दिक्कत भी ऐसे लोगों में ज्यादा देखी जाती रही है।
क्या इस रोग से बचा जा सकता है?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पार्किंसंस रोग से बचाव का कोई तरीका नहीं है। हालांकि आप नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान को ठीक करके जरूर लाभ पा सकते हैं।
पार्किंसंस रोग का पूरी तरह इलाज संभव नहीं है, लेकिन समय पर पहचान और सही उपचार से इसके कारण होने वाली दिक्कतों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर शरीर में लगातार कंपन, मूवमेंट स्लो होने या संतुलन बिगड़ने जैसी दिक्कतें महसूस हों तो इसे सामान्य समझने की गलती न करें।
कई बार हाथों का मामूली कांपना बड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। समय पर डॉक्टरी सलाह की मदद से आप इसके जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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