फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World No Tobacco Day 2019: घर में स्मोकिंग करते हैं तो हो जाएं सावधान, बच्चों पर पड़ता है बुरा असर

Fri, 31 May 2019 09:24 AM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : social media
जो लोग घर में धुम्रपान करते हैं उनके बच्चे ना चाहते हुए भी धुम्रपान के शिकार हो जाते हैं। पैसिव स्मोकिंग या सेकेंड हैंड स्मोकिंग भी उतना ही नुकसानदायक है जितना नुकसान धुम्रपान करने वाले को होती है। बच्चे में यह समस्या गंभीर इस वजह से हो जाती है क्योंकि वह बड़े हो रहे होते हैं और उनके सांस लेने की गति भी व्यस्कों से ज्यादा होती है।
विज्ञापन

2 of 5
बच्चे व्यस्कों से ज्यादा तेज गति से सांस लेते हैं इसलिए उनके फेफड़ों में भी व्यस्कों के मुकाबले अधिक धुआं जाता है। जिन घरों में सिगरेट या बीड़ी का धुआं-धुआं रह-रहकर उठता है उन घरों के बच्चे तंबाकू के धुएं में ही सांस लेते हुए बड़े होते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
- फोटो : tobacco
प्रेग्नेंसी की अवस्था में सिगरेट या बीड़ी पीने वाली महिलाओं को कम वजन के बच्चे पैदा होते हैं। ऐसे बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। साथ ही वह बहुत जल्द ही किसी बीमारी से घिर जाते हैं। ऐसे बच्चों को दिमागी लकवे की शिकायत हो सकती है।

4 of 5
- फोटो : tobacco
सिगरेट व बीड़ी के धुएं बच्चों के सांस लेने की प्रक्रिया पर इस तरह असर करते हैं कि उनमें अस्थमा की भी शिकायत होने लगती है। अगर बच्चे में अस्थमा की शिकायत पहले से है तो अस्थमा और बढ़ सकता है। साथ ही उसे अनियंत्रित दौरे भी पड़ सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सिगरेट व बीड़ी के धुएं के कारण बच्चों का सामान्य विकास अवरूद्ध हो जाता है। साथ ही उसका वजन और हाइट दोनों ही दूसरे के मुकाबले कम होती है। इसके अलावा उन्हें कम सुनने की समस्या पैदा हो सकती है।
नोटः ज्यादा जानकारी के लिए यहां पर क्लिक करें   https://treeoflife.amarujala.com 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें