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World Malaria Day 2024: मलेरिया के लक्षण और कारण, जानिए इस रोग से बचाव के तरीके

Thu, 25 Apr 2024 10:14 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मलेरिया के तरह की बीमारी है जो मच्छरों के काटने से होती है। इसमें अगर समय पर इलाज न किया जाए तो रोग के गंभीर रूप लेने या मौत का खतरा हो सकता है। आइए इस रोग के कारण, लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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Fever - फोटो : Freepik
World Malaria Day 2024 : आज यानी 25 अप्रैल को वैश्विक स्तर पर मलेरिया दिवस मनाया जाता है। हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत का कारण बनने वाली इस बीमारी से भारत भी प्रभावित है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में व्यापक कैंपेन और जागरूकता अभियान के चलते भारत में मलेरिया के मामलों में विशेष सुधार आया है। आंकड़ों के मुताबिक, देश में मलेरिया के केस साल 2020 में 45 फीसद और 2021 में 13 फीसद की गिरावट के साथ लगातार कम हुए। मलेरिया की रोकथाम और इससे बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से ही हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है।

क्या है मलेरिया

मलेरिया के तरह की बीमारी है जो मच्छरों के काटने से होती है। इसमें अगर समय पर इलाज न किया जाए तो रोग के गंभीर रूप लेने या मौत का खतरा हो सकता है। आइए इस रोग के कारण, लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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Headache - फोटो : pexel
मलेरिया के लक्षण

मलेरिया के लक्षणों में बुखार के साथ ठंड लगने की समस्या सबसे सामान्य है। मलेरिया परजीवी शरीर में प्रवेश करने के लंबे समय तक निष्क्रिय रह सकते हैं, यही कारण है कि कई बार इसके लक्षण दिखने में काफी वक्त भी लग सकता है। समय रहते लक्षणों की पहचान कर रोग का इलाज प्राप्त करना चाहिए, ऐसा करके गंभीर जोखिमों को कम किया जा सकता है।
  • कंपकंपी वाली ठंड लगने के साथ बुखार की दिक्कत।
  • सिर दर्द।
  • जी मिचलाना-उल्टी।
  • पेट-मांसपेशियों में दर्द
  • मल से रक्त आने की समस्या।
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mosquito - फोटो : pexel
मलेरिया का कारक

यह एक जानलेवा बीमारी है, जोकि संक्रमित एनोफिलीज मच्छरों के काटने से फैलती है। संक्रमित मच्छरों में प्लाज्मोडियम परजीवी होते हैं। जब यह मच्छर काटता है, तो परजीवी आपके खून में मिल जाते हैं। ये परजीवी लिवर में पहुंचकर पनपने लगते हैं। इसके बाद परिपक्व परजीवी रक्तप्रवाह में प्रवेश करते हैं और लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करना शुरू कर देते हैं।

संक्रमण के बाद इसके लक्षण दिखने में 10-15 दिनों का समय लग सकता है। मलेरिया का संक्रमण बरसात के दिनों में अधिक होता है पर यह अन्य मौसमों में भी आपको शिकार बना सकता है।

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malaria - फोटो : istock
मलेरिया का इलाज

 लक्षण दिखने पर रक्त की जांच कराएं। मलेरिया के निदान के लिए डॉक्टर की सलाह पर इसके दवा का कोर्स पूरा करें। लक्षण कम होने पर बिना डॉक्टरी सलाह के दवा बंद न करें। मलेरिया से बचाव के लिए प्रयास करना बहुत आवश्यक है।
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malaria - फोटो : ANI
मलेरिया से बचाव

यह बरसात के मौसम में मुख्य रूप से फैलता है। मच्छर भरे हुए पानी में पनपते हैं और मलेरिया फैलाते हैं। इससे बचाव के कुछ तरीके अपनाएं।
 
  • मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए पानी को जमा न होने दें।
  • दवाइयों को छिड़काव कराएं।
  • सोने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें जिससे मच्छरों के काटने से बचाव हो सके।
  • अगर आपमें लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत जांच और इलाज प्राप्त करें।
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