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लंग्स डिजीज: 3 हफ्ते से ज्यादा खांसी क्या टीबी का है संकेत? जानिए कब हो जाना चाहिए आपको सावधान

Fri, 25 Sep 2026 05:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तीन हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक रहने वाली खांसी का कारण पता करना जरूरी है। टीबी में लंबे समय की खांसी होने को प्रमुख लक्षण माना जाता है, लेकिन अस्थमा, सीओपीडी, एलर्जी और दूसरी फेफड़ों की समस्याएं भी लगातार खांसी का कारण बन सकती हैं। 
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खांसी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
मौसम बदलने, वायरल संक्रमण या गले में किसी तरह की समस्या के कारण खांसी आना सामान्य है। खांसी शरीर का एक सुरक्षा तंत्र है। धूल-धुआं, बलगम या किसी संक्रमण के कारण सांस की नली में परेशानी होने पर शरीर खांसकर उसे बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसलिए हर खांसी किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती। वायरल संक्रमण के बाद भी कुछ समय तक खांसी बनी रह सकती है। हालांकि समस्या तब हो जाती है जब खांसी लगातार बनी रहे।

तीन हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक बनी रहने वाली खांसी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए गंभीर खतरा मानते हैं। ऐसी स्थिति में समय रहते जांच कराना बहुत जरूरी है। तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी में डॉक्टर टीबी की जांच कराने की सलाह देते हें।

क्या आप भी कुछ समय से खांसी की गंभीर दिक्कत से परेशान हैं?
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बार-बार होने वाली खांसी - फोटो : Adobe Stock
लगातार रहने वाली खांसी को न करें इग्नोर

श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ गौरव चतुर्वेदी बताते हैं, लगातार बनी रहने वाली खांसी हमेशा टीबी नहीं होती। हालांकि 21 दिनों से अधिक की खांसी में टीबी की जांच जरूरी हो जाती है।
 
  • अस्थमा, सीओपीडी, एलर्जी, धूम्रपान, एसिड रिफ्लक्स जैसी स्थितियां भी लंबे समय तक खांसी की वजह बन सकती हैं। इतना ही नहीं फेफड़ों के कैंसर के मामलों में भी खांसी लगातार बनी रहती है और समय के साथ बढ़ती जाती है।
  • यही कारण है कि लगातार रहने वाली खांसी को घरेलू इलाज से दबाते रहने के बजाय समय रहते डॉक्टर की सलाह पर जांच कराना जरूरी है।
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टीबी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
तीन हफ्ते की खांसी में टीबी का खतरा

लंबे समय तक रहने वाली खांसी को फेफड़ों की टीबी का प्रमुख लक्षण माना जाता रहा है। इसके साथ बलगम या खून भी आ सकता है।
 
  • टीबी के कारण सीने में दर्द, कमजोरी, भूख कम लगने, वजन कम होने के साथ बुखार और रात में पसीना की भी दिक्कत देखी जाती रही है।
  • इसमें से तीन-चार लक्षण भी लगातार बने हुए हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। 
  • अगर खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा है और इसके साथ वजन घट रहा है या खून आ रहा है, तो टीबी की जांच जरूर कराएं।
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सीओपीडी और सांस की दिक्कत - फोटो : Amarujala.com/AI
अस्थमा, एलर्जी और सीओपीडी की दिक्कत

लगातार बनी रहने वाली खांसी के पीछे कई बार अस्थमा या एलर्जी भी कारण हो सकती है। कुछ लोगों में खांसी के साथ सांस फूलने या सीटी जैसी आवाज सुनाई दे सकती है। 
 
  • लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में सीओपीडी का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। सीओपीडी में सांस की नलियों और फेफड़ों को लंबे समय तक नुकसान पहुंचता है और धीरे-धीरे सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए लगातार खांसी अनदेखा नहीं किय जाना चाहिए।

डॉक्टर कहते हैं  तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। खांसी के साथ यदि खून आता हो, सांस लेने में ज्यादा परेशानी या सीने में दर्द हो तो और भी सावधानी जरूरी है। फेफड़ों के कैंसर में भी लगातार या बढ़ती खांसी, सीने में दर्द, सांस फूलना, खून आना और बिना कारण वजन घटना जैसे लक्षण हो सकते हैं। यही वजह है कि खांसी के कारणों का समय रहते पता चलना और इलाज जरूरी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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