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Kidney Cancer: क्या सिर्फ बुजुर्गों को होता है किडनी कैंसर? जानलेवा बीमारी से बचने के लिए जान लीजिए ये बातें

Thu, 18 Jun 2026 08:04 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डॉक्टर कहते हैं, अगर समय पर किडनी कैंसर की का पता चल जाए तो इलाज-सर्जरी और थेरेपी आदि माध्यमों से रोगी की जान बचाई जा सकती है। क्या आपको इसके खतरे के बारे में जानकारी है?
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किडनी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
किडनी का कैंसर, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्या है। किडनी कैंसर दुनियाभर में 14वां सबसे आम कैंसर है। दुनियाभर में, हर साल इसके लगभग 4.34 लाख नए मामले सामने आते हैं और 1.55 लोगों की मौत होती है। पुरुषों, बुजुर्गों और विकसित देशों में इसके मामले और इससे होने वाली मौतें काफी ज्यादा होती हैं।

डॉक्टर कहते हैं, अगर समय पर कैंसर की समस्या का पता चल जाए तो इलाज-सर्जरी और थेरेपी आदि माध्यमों से रोगी की जान बचाई जा सकती है। पर दुर्भाग्यवश ज्यादातर मामलों का पता ही अंतिम चरणों में चल पाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किडनी के कैंसर को लेकर लोगों में कई तरह की गलतफहमियां और अधूरी जानकारियां देखी जा रही हैं। जिसके कारण रोग का समय रहते पहचान, इलाज काफी कठिन हो सकता है।  आइए किडनी कैंसर के बारे में ऐसे ही कुछ मिथ्स को जानते हैं जिसे अक्सर लोग सही मानते आ रहे हैं।
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किडनी की बीमारियों का खतरा - फोटो : Freepik.com
मिथ: किडनी का कैंसर सिर्फ बुजुर्गों को होता है?

यह सही है कि किडनी के कैंसर का खतरा बुजुर्गों में अधिक देखा जाता रहा है पर हालांकि यह कम उम्र वालों को भी हो सकता है। 
 
  • अध्ययनों से पता चलता है कि युवा आबादी में 50 से कम आयु वाले एक तिहाई लोगों में इसका खतरा हो सकता है।
  • खराब जीवनशैली और अल्कोहल की आदत, कैंसर की फैमिली हिस्ट्री या फिर किडनी की पहले से ही रही कुछ बीमारियों के कारण युवा भी इसके शिकार हो सकते हैं।
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पेशाब का रंग - फोटो : Freepik.com
मिथ: पेशाब में खून आने का मतलब किडनी कैंसर है?

पेशाब की जांच के माध्यम से शरीर की कई समस्याओं का आसानी से पता लगाना आसान हो जाता है।
 
  • पेशाब के रंगों के आधार पर भी बीमारियों का निदान किया जा सकता है। अगर आपके पेशाब में खून जैसा दिख रहा है तो इसपर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
  • हालांकि पेशाब से खून आने का मतलब हर बार कैंसर नहीं होता है।
  • यूटीआई जैसी बीमारियों में भी यह दिक्कत हो सकती है। हालांकि अगर रक्त के रंग का या बरगंडी कलर में कुछ दिनों से पेशाब हो रहा हो तो इसकी जांच जरूर कराएं। 

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महिलाओं में किडनी की समस्या - फोटो : Freepik.com
मिथ: महिलाओं को किडनी कैंसर होने का खतरा अधिक होता है?

किडनी का कैंसर किसी भी उम्र या लिंग वालो को हो सकता है। हालांकि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में इसका जोखिम लगभग दोगुना होता है। धूम्रपान और कार्यस्थल पर कैंसर पैदा करने वाले विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने के कारण इसका खतरा अधिक हो सकता है। हालांकि जिन महिलाओं को बार-बार यूटीआई या योनि संक्रमण होता रहता है उन्हें डॉक्टर से मिलकर किडनी की सेहत की जांच जरूर कराते रहना चाहिए।
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शराब के नुकसान - फोटो : Freepik.com
मिथ: अल्कोहल से सिर्फ लिवर कैंसर होता है किडनी का नहीं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ, किडनी और लिवर दोनों के लिए अल्कोहल को खतरनाक मानते हैं। शराब का सेवन करने से पूरे शरीर पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखे जा सकते हैं। अल्कोहल की ही तरह धूम्रपान भी किडनी कैंसर के विकास के जोखिम को दोगुना कर देता है। सिर्फ यही दो आदतें पुरुषों में गुर्दे में कैंसर के लगभग 30% और महिलाओं में लगभग 25% का कारण बनती हैं।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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