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World IBD day 2023: आंतों की इस बीमारी की समय रहते पहचान जरूरी, सरल भाषा में जानिए इसके कारण-बचाव के तरीके

Fri, 19 May 2023 11:05 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज की समस्या - फोटो : iStock
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पाचन क्रिया का ठीक रहना आवश्यक है, इसमें होने वाली किसी भी तरह की दिक्कत पूरे शरीर को प्रभावित कर सकती है। इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी)  ऐसी ही एक समस्या है जिसके बड़ी संख्या में लोग शिकार होते जा रहे हैं।

आईबीडी, आंतों में होने वाले विकारों का एक समूह है जिसके कारण पाचन तंत्र में क्रोनिक सूजन की समस्या हो जाती है। दूसरे शब्दों में आईबीडी ऐसी स्थिति है जो क्रोहन डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी बीमारियों को संदर्भित करती है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज के मामलों को लेकर लोगों को जागरूक करने और बचाव के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 19 मई को वर्ल्ड इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज डे मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लोगों की लाइफस्टाइल खराब होती देखी जा रही है, ऐसे में इन बीमारियों के बारे में जानना और बाचव करते रहना बहुत आवश्यक है। 
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आंतों में सूजन की समस्या - फोटो : Pixbay
इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज के बारे में जानिए

आईबीडी, मुख्यरूप से दो बीमारियों की तरफ इशारा करता है। 
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस- इसमें बड़ी आंत (कोलन) और मलाशय की परत में सूजन और घाव (अल्सर) हो जाता है।
  • क्रोहन डिजीज- पाचन तंत्र के अस्तर में सूजन की समस्या है। क्रोहन रोग सबसे अधिक छोटी आंत को प्रभावित करता है।
आईबीडी को मुख्यरूप से ऑटोइम्यून डिसऑर्डर माना जाता है, जिसका अर्थ है कि इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, अपने ही स्वस्थ ऊतकों पर हमला कर देती है। ऐसा क्यों होता है इसे अभी तक ठीक तरीके से समझा नहीं जा सका है। 
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पेट में दर्द, ऐंठन और सूजन - फोटो : iStock
इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज में कैसे होते हैं लक्षण?

आईबीडी, चूंकि पाचन स्वास्थ्य से संबंधित समस्या है ऐसे में इसके कारण आपको पेट की कई दिक्कतें हो सकती हैं। इसमें अक्सर दस्त होते रहना काफी सामान्य है क्योंकि आंत का प्रभावित हिस्सा पानी को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता है। इसके अलावा इन समस्याओं पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
  • शौच से अक्सर खून आने की दिक्कत। 
  • आंतों में समस्या के कारण पेट में दर्द, ऐंठन और सूजन।
  • वजन घटना और एनीमिया, जो बच्चों में शारीरिक विकास से संबंधित समस्याओं का कारण बन सकता है। 

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पेट की समस्याओं के जोखिम कारक - फोटो : istock
किन्हें होती है इन समस्याओं का खतरा?

अध्ययन के अनुसार यह आनुवांशिक हो सकता है, जिन लोगों के माता-पिता या घर में किसी को आईबीडी की दिक्कत रही है उनमें इसके विकसित होने का जोखिम हो सकता है। इसके अलावा पाचन तंत्र में बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण के कारण प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया ट्रिगर हो सकती है, जिसके कारण भी पाचन तंत्र में सूजन होना सामान्य है।
आईबीडी में होने वाले क्रोहन डिजीज के लिए धूम्रपान को मुख्य जोखिम कारकों में से एक माना जाता है।
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स्वस्थ और पौष्टिक आहार का करें सेवन - फोटो : istock
इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज का इलाज और बचाव

आईबीडी के लिए कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, लेकिन सहायक उपचार के साथ सूजन को कम करने और लक्षणों को दूर करने पर ध्यान दिया जाता है। आईबीडी अक्सर शरीर के विभिन्न हिस्सों में समस्याएं पैदा करती है, इसलिए देखभाल के दौरान आईबीडी वाले लोगों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने का भी प्रयास रहता है। रोगी की स्थिति के आधार पर दवाइयों और लाइफस्टाइल में बदलाव के माध्यम से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
  • खूब सारे तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ दें।
  • अगर आपको कुछ समय से पेट में दिक्कत हो रही है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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