लिवर में संक्रमण और इसके कारण होने वाली दिक्कतों से हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। हेपेटाइटिस को इसका सबसे बड़ा कारण माना जाता है। भारत में भी हेपेटाइटिस का लगातार खतरा देखा जा रहा है, जिससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट करते रहे हैं।
हेपेटाइटिस वायरस लिवर को अटैक करता है, जिसके कारण लिवर सिरोसिस और लिवर फेलियर तक का खतरा हो सकता है। हालांकि कई मामलों में लोग वर्षों तक इसके साथ जीते रहते हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं चलता, इसलिए हेपेटाइटिस को साइलेंट हेल्थ थ्रेट के रूप में भी देखा जाता है।
भारत में हेपेटाइटिस लंबे समय से एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने इस बीमारी से लड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। साल 2018 में शुरू किया गया राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इसका उद्देश्य सिर्फ मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक बनाना, संक्रमण की समय पर पहचान करना और जरूरतमंद हर व्यक्ति तक मुफ्त जांच एवं उपचार पहुंचाना भी है।