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विश्व हृदय दिवस 2026: दफ्तर में बैठे-बैठे बढ़ रहा दिल की बीमारी का खतरा! ऐसे रखें अपने दिल का ध्यान

Tue, 22 Sep 2026 09:59 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Heart Day: जिन लोगों को दफ्तर में आठ-आठ घंटे बैठना पड़ता है, उन्हें अपनी दिल की सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है। यहां हम आपको इसी बारे मं जानकारी देंगे कि आप कैसे अपने दिल का ध्यान रख सकते हैं। 
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8 घंटे की नौकरी में ऐसे रखें दिल को स्वस्थ, हर घंटे करें 2 मिनट की कसरत - फोटो : AI
World Heart Day: आज की दफ्तर की दिनचर्या में लगातार कई घंटे कुर्सी पर बैठकर काम करना आम हो गया है। लंबे समय तक बैठे रहने और शारीरिक गतिविधि कम होने का असर दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि काम के बीच छोटे-छोटे अंतराल में शरीर को सक्रिय रखा जाए। इससे लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत टूटती है और शरीर में हलचल बनी रहती है।

हालांकि, केवल दो मिनट की गतिविधि को पूरी कसरत का विकल्प नहीं माना जा सकता। इसके साथ रोजाना पैदल चलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। दफ्तर में काम करने वाले लोग थोड़ी-थोड़ी गतिविधि को आदत बनाकर अपने हृदय को स्वस्थ रखने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
 
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8 घंटे की नौकरी में ऐसे रखें दिल को स्वस्थ, हर घंटे करें 2 मिनट की कसरत - फोटो : AI
दफ्तर में दिल को स्वस्थ रखने की दो मिनट की दिनचर्या
 

पहले 30 सेकंड: कुर्सी से उठकर सीधे खड़े हो जाएं और शरीर को सहज स्थिति में रखें। इसके बाद दोनों कंधों को धीरे-धीरे आगे और पीछे की ओर घुमाएं। गर्दन को भी बिना ज्यादा दबाव डाले हल्का दाएं और बाएं घुमाया जा सकता है। इससे लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने के बाद शरीर में हलचल शुरू होती है।

अगले 30 सेकंड: अपनी सीट के आसपास या दफ्तर के गलियारे में सामान्य से थोड़ी तेज गति से चलें। बहुत तेज चलने या दौड़ने की जरूरत नहीं है। इस दौरान कोशिश करें कि लगातार बैठे रहने के बजाय शरीर सक्रिय रहे। यदि संभव हो तो पानी लेने या किसी छोटे काम के लिए कुछ कदम पैदल जाएं।

अगले 30 सेकंड: हाथों, पैरों और गर्दन की हल्की कसरत करें। हाथों को ऊपर उठाकर धीरे-धीरे नीचे लाएं और पैरों को बारी-बारी से हल्का आगे-पीछे करें। गर्दन और कंधों को आराम से हिलाएं। किसी भी तरह का दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या असहजता महसूस होने पर तुरंत रुक जाएं।

आखिरी 30 सेकंड: दोबारा कुछ कदम आराम से चलें और अपनी सांस को सामान्य होने दें। शरीर पर अनावश्यक दबाव न डालें। इसके बाद अपनी सीट पर वापस बैठकर काम शुरू कर सकते हैं। इस तरह हर घंटे कुछ समय के लिए उठना और शरीर को सक्रिय करना लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को तोड़ने में मदद कर सकता है।


 
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8 घंटे की नौकरी में ऐसे रखें दिल को स्वस्थ, हर घंटे करें 2 मिनट की कसरत - फोटो : AI

हर घंटे कुछ देर के लिए उठने और चलने की आदत लंबे समय तक लगातार बैठे रहने को कम कर सकती है। काम के दौरान फोन पर बात करते समय संभव हो तो कुछ कदम चल सकते हैं। पानी पीने के लिए भी बीच-बीच में अपनी सीट से उठें। दोपहर के भोजन के बाद कुछ मिनट पैदल चलना भी दिनभर की गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है।

 

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8 घंटे की नौकरी में ऐसे रखें दिल को स्वस्थ, हर घंटे करें 2 मिनट की कसरत - फोटो : AI
लिफ्ट को कहें बाय

लिफ्ट के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार सीढ़ियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कार्यालय से घर लौटने के बाद भी पैदल चलना, साइकिल चलाना या अन्य नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।

 
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8 घंटे की नौकरी में ऐसे रखें दिल को स्वस्थ, हर घंटे करें 2 मिनट की कसरत - फोटो : AI
ध्यान रखें ये

यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर घंटे दो मिनट की गतिविधि कोई सार्वभौमिक चिकित्सकीय नियम नहीं है। यह लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को बीच-बीच में तोड़ने का एक आसान तरीका है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार स्वास्थ्य जांच भी महत्वपूर्ण हैं।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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