उम्र बढ़ने के साथ शरीर के जिन अंगों पर सबसे ज्यादा असर होता है, कान उनमें से एक हैं। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है, हमारे सुनने की क्षमता भी कम होती जाती है। पर कानों से संबंधित इस दिक्कत को अब सिर्फ उम्र बढ़ने से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। कम उम्र में, यहां तक कि बच्चों में भी कम सुनाई देने और बहरेपन की दिक्कत बढ़ती जा रही है।
लंबे समय तक तेज आवाज में गाने सुनने, कान में संक्रमण, ज्यादा वैक्स जमा होना, सिर या कान में चोट और कुछ दवाओं के साइड-इफेक्ट के कारण आपके सुनने की शक्ति कमजोर हो सकती है। समय रहते इसपर ध्यान न दिया जाए तो बहरापन भी हो सकता है। अमर उजाला में प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से हाई शुगर की समस्या भी आपमें बहरेपन के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
क्या एक बार बहरापन हो जाने के बाद फिर से कानों की सुनने की शक्ति वापस आ सकती है? क्या बहरेपन को ठीक किया जा सकता है? आइए इस बारे में समझते हैं।