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World COPD Day 2025: अस्थमा से कितना अलग है सीओपीडी, क्या ये दोनों एक ही बीमारी हैं?

Wed, 19 Nov 2025 09:51 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

COPD vs Asthma symptoms: सीओपीडी फेफड़ों से जुड़ी एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। अक्सर लोग इसे अस्थमा से जोड़कर देखते हैं। ये दोनों बीमारियों सांसों से जरूरी जुड़ी हुई हैं, लेकिन इन दोनों में काफी अंतर है। आइए इस वर्ल्ड सीओपीडी दिवस के मौके पर इसी के बारे में जानते हैं।
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सीओपीडी और अस्थमा में अंतर - फोटो : Amar Ujala
COPD vs Asthma differences: विश्व सीओपीडी दिवस हर साल नवंबर के तीसरे बुधवार को मनाया जाता है। इस साल यह दिन 19 नवंबर यानी आज है। इसका उद्देश्य क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। सीओपीडी श्वसन और फेफड़ों से जुड़ी एक बेहद गंभीर बीमारी है। अक्सर लोग इस बीमारी को अस्थमा से जोड़ कर देखते हैं, हालांकि दोनों में सांस लेने में कठिनाई होती है, लेकिन ये एक ही बीमारी नहीं हैं।

सीओपीडी एक प्रगतिशील बीमारी है, जिसका अर्थ है कि समय के साथ फेफड़ों की कार्यक्षमता बिगड़ती जाती है, और यह नुकसान अक्सर स्थायी होता है। यह मुख्य रूप से धूम्रपान या प्रदूषण के कारण होता है। दूसरी ओर अस्थमा सांस की नली में अस्थायी सूजन के कारण होता है, जो एलर्जी या ट्रिगर्स के संपर्क में आने पर होता है। अस्थमा का सही इलाज करने पर फेफड़ों की कार्यक्षमता आमतौर पर सामान्य हो जाती है।

ऐसे में इन दोनों के बीच इस अंतर को समझना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गलत निदान से गलत उपचार हो सकता है, जो सीओपीडी के मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है। दोनों बीमारियों की जड़ें, गंभीरता और उपचार के दृष्टिकोण में मौलिक अंतर है, जिसकी जानकारी जीवन बचाने और फेफड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
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सीओपीडी और अस्थमा में अंतर - फोटो : Adobe Stock
इन दोनों बीमारियों का मूल कारण
सीओपीडी का मुख्य कारण आमतौर पर लंबे समय तक धूम्रपान या प्रदूषण के संपर्क में रहना होता है, और यह अक्सर 40 साल की उम्र के बाद शुरू होता है। इसके विपरीत अस्थमा की शुरुआत अक्सर बचपन में होती है और यह मुख्य रूप से एलर्जी (जैसे पराग, धूल) या आनुवंशिक कारणों से ट्रिगर होता है।

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सीओपीडी और अस्थमा में अंतर - फोटो : Adobe Stock
फेफड़ों को होने वाला नुकसान
सीओपीडी में फेफड़ों की कार्यक्षमता का नुकसान स्थायी होता है। यह वायुमार्ग को संकुचित कर देता है और फेफड़ों के वायुकोषों को नष्ट कर देता है। वहीं अस्थमा में सांस की नली में होने वाली सूजन और संकुचन अस्थायी होती है, जो दवा लेने पर वापस सामान्य हो सकता है।

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सीओपीडी और अस्थमा में अंतर - फोटो : Adobe Stock
उपचार और दवाएं
सीओपीडी का उपचार मुख्य रूप से बीमारी की प्रगति को धीमा करने पर केंद्रित होता है, जिसके लिए लंबे समय तक काम करने वाले ब्रोंकोडायलेटर्स का उपयोग किया जाता है। अस्थमा के उपचार में आमतौर पर इनहेल्ड स्टेरॉयड और शॉर्ट-एक्टिंग ब्रोंकोडायलेटर्स (रिलीवर) शामिल होते हैं, जिनका उपयोग ट्रिगर होने पर किया जाता है।
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सीओपीडी और अस्थमा में अंतर - फोटो : Adobe Stock
दोनों बीमारियों की गंभीरता
सीओपीडी समय के साथ धीरे-धीरे बिगड़ती जाती है, खासकर यदि रोगी धूम्रपान करता है या लगातार वायु प्रदूषण में रहता है। मरीज को लगातार सांस फूलने की शिकायत रहती है। अस्थमा के लक्षण समय-समय पर आते हैं, और अटैक के बीच मरीज लगभग सामान्य महसूस करता है।

स्रोत और संदर्भ
COPD
Asthma

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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