कैंसर दुनियाभर के लिए मौजूदा समय में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बना हुआ है। ये बीमारी न केवल मरीज के शरीर को प्रभावित करती है, बल्कि उसके परिवार, समाज और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गहरा असर डालती है। इतना ही नहीं कैंसर को वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से भी एक माना जाता है, हर साल ये बीमारी लाखों लोगों की जान ले रही है। अकेले साल 2022 में इस बीमारी के कारण 97 लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई।
वैश्विक स्तर पर कैंसर के बढ़ते मामलों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, पहचान और इलाज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर साल 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस 2026 की थीम है- यूनाइटेड बाइ यूनिक (united by unique)। इसका मतलब है कि हर व्यक्ति की कैंसर यात्रा अलग होती है, फिर भी हम सभी एक ही लक्ष्य में एकजुट हैं। कैंसर से प्रभावित सभी लोगों के लिए बेहतर देखभाल, सहायता कराना लक्ष्य है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर इसलिए ज्यादा खतरनाक हो जाता है क्योंकि समय रहते इसकी पहचान नहीं हो पाती है। अगर नियमित रूप से कुछ जरूरी टेस्ट कराए जाएं तो ये बीमारी आसानी से पकड़ में आ सकती है और इलाज के माध्यम से लोगों की जान बचाई जा सकती है।