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Health Tips: लंबे समय से पका हुआ है मुंह तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है कैंसर का खतरा

Sun, 01 Feb 2026 04:46 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Symptoms of Oral Cancer in Mouth: अक्सर कुछ लोगों को मुंह में छाला होता है और लंबे समय तक बना रहता है। ये एक गंभीर चेतावनी हो सकती है और कैंसर का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलकर अपने लक्षण बताना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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ओरल कैंसर - फोटो : Freepik.com
Mouth Ulcer Not Healing For 3 Weeks: मुंह में छाले होना एक आम समस्या है, जो अक्सर पेट की खराबी, विटामिन की कमी या गलती से गाल कट जाने के कारण होती है। सामान्य छाले आमतौर पर एक से दो सप्ताह में अपने आप ठीक हो जाते हैं। हालांकि अगर आपके मुंह का कोई हिस्सा लंबे समय से 'पका' हुआ है या कोई छाला तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। 

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह ओरल कैंसर का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है। भारत में मुंह का कैंसर एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है, जिसका मुख्य कारण तंबाकू, गुटखा और सुपारी का अत्यधिक सेवन है। कैंसर की शुरुआत अक्सर एक बिना दर्द वाले सफेद या लाल धब्बे से होती है, जिसे लोग छाला समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। समय रहते इसकी पहचान न होने पर यह जबड़े और गले तक फैल सकता है। इसलिए, मुंह के भीतर किसी भी असामान्य बदलाव को गंभीरता से लेना और डॉक्टर से परामर्श करना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
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छाले - फोटो : Freepik.com
सामान्य छाले और कैंसर के घाव में कैसे करें अंतर?
सामान्य छाले आमतौर पर दर्दनाक होते हैं और कुछ ही दिनों में ठीक होने लगते हैं। इसके विपरीत, कैंसर के शुरुआती घाव अक्सर दर्द रहित होते हैं, जिससे मरीज को खतरे का अहसास नहीं होता। अगर छाले के साथ मुंह के अंदर गांठ महसूस हो, दांत अचानक ढीले होने लगें या आवाज में बदलाव आने लगे, तो यह खतरे की घंटी है। बायोप्सी के जरिए ही इसकी सटीक पहचान संभव है।

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तंबाकू-धूम्रपान - फोटो : Freepik.com
तंबाकू और सुपारी: ओरल कैंसर के सबसे बड़े ट्रिगर
भारत में मुंह के कैंसर के 90% मामलों के पीछे तंबाकू का सेवन जिम्मेदार है। तंबाकू में मौजूद 'कार्सिनोजेन्स' मुंह की कोमल कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा, जो लोग सुपारी चबाते हैं, उनके मुंह की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, जिससे धीरे-धीरे मुंह खुलना कम हो जाता है। यह स्थिति आगे चलकर कैंसर में बदल सकती है। इसी के साथ जो लोग शराब पीते हैं उनमें ये खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

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मुंह में छाले पड़ना - फोटो : Freepik.com
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
मुंह के कैंसर के अन्य लक्षणों में निगलने में कठिनाई, कान में बिना वजह दर्द होना और मुंह के अंदर सफेद (ल्यूकोप्लाकिया) या लाल (एरिथ्रोप्लाकिया) पैच का बनना शामिल है। कई बार गले में सूजन या ऐसी गांठ दिखाई देती है जिसमें दर्द नहीं होता। अगर आपको जीभ चलाने में परेशानी हो रही है या मुंह का कोई हिस्सा सुन्न महसूस हो रहा है, तो तुरंत डेंटिस्ट या कैंसर विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com
शीघ्र पहचान और बचाव ही है एकमात्र समाधान
ओरल कैंसर के उपचार में 'समय' ही सबसे महत्वपूर्ण कारक है। अगर पहली स्टेज पर कैंसर पता चल जाए, तो सर्जरी और रेडिएशन के जरिए मरीज के पूरी तरह ठीक होने की संभावना 90% से अधिक होती है। अपनी जीवनशैली से तंबाकू और शराब को पूरी तरह हटा दें और हर छह महीने में एक बार 'डेंटल चेकअप' जरूर करवाएं। ध्यान रखें, मुंह का एक छोटा सा दिखने वाला छाला आपकी जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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