वाई-फाई कितना नुकसानदायक?
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वाई-फाई या ब्लूटूथ से भी नहीं होता है कैंसर
विशेषज्ञ कहते हैं, मोबाइल एक तरह के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का इस्तेमाल करते हैं जिसे रेडियोफ्रीक्वेंसी रेडिएशन (रेडियो तरंगें) कहते हैं। यह एक कमजोर तरह का रेडिएशन है, उसी तरह का जैसा रेडियो, टेलीविजन और माइक्रोवेव ओवन से निकलता है।
- ये रेडियो तरंगें डीएनए को नुकसान पहुंचाने भर की शक्तिशाली नहीं होती हैं। इसलिए, इस बात का कोई सही कारण नहीं है कि रेडियो तरंगें कैंसर पैदा कर सकती हैं।
- इसी तरह से वाई-फाई या ब्लूटूथ के इस्तेमाल से भी कैंसर नहीं होता। वायरलेस टेक्नोलॉजी और सर्विस भी रेडियो तरंगों का इस्तेमाल करती हैं।
साल 2011 में, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर ने कहा था कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड इंसानों के लिए कैंसर का कारण बन सकते हैं। हालांकि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड और कैंसर से जुड़े अध्ययनों में कई विरोधाभास है।
- उदाहरण के लिए, 2017 की एक रिसर्च रिव्यू के अनुसार, वायरलेस डिवाइस से निकलने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड ग्लियोमा का खतरा बढ़ा सकते हैं, जो एक तरह का ब्रेन ट्यूमर है।
- हालांकि 2018 की एक स्टडी में कहा गया है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड और ब्रेन ट्यूमर के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।