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World Cancer Day 2024: बड़ी कामयाबी- दुनिया का पहला ब्लड टेस्ट जिससे कैंसर का हो सकेगा शीघ्र निदान

Sun, 04 Feb 2024 08:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कैंसर का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट - फोटो : Pixabay
कैंसर, वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है, हर साल तमाम प्रकार के कैंसर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दुनियाभर में पिछले एक दशक में ब्रेन कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि आई है। मस्तिष्क में कैंसरयुक्त असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि ट्यूमर का कारण बनती है जिससे ब्रेन कैंसर का खतरा हो सकता है। यह सबसे जानलेवा प्रकार के कैंसर में से एक है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर के कारण मृत्युदर अधिक होने का प्रमुख कारण समय पर इस रोग का निदान न हो पाना है। ज्यादातर लोगों में कैंसर का पता ही तब चल पाता है जब वह काफी बढ़ चुका होता है। दुनियाभर में बढ़ते कैंसर के जोखिमों को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है।

ब्रेन कैंसर के शीघ्र निदान के उपायों की खोज कर रही वैज्ञानिकों की टीम को बड़ी सफलता मिली है। सर्जनों और वैज्ञानिकों ने ब्रेन कैंसर के लिए दुनिया का पहला रक्त परीक्षण विकसित किया है जिसकी मदद से समय रहते कैंसर का पता लगाया जा सकेगा। समय रहते उपचार मिलने से रोगियों के जीवित रहने की दर को बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
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ब्रेन ट्यूमर का खतरा - फोटो : istock
ब्रेन ट्यूमर का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट

वर्षों से, ब्रेन ट्यूमर का पता लगाना काफी कठिन प्रक्रिया रही है। हर साल दुनियाभर में हजारों लोगों को ये कैंसर प्रभावित करता है। अब इस कैंसर का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने एक विशेष प्रकार का रक्त परीक्षण डिजाइन किया है जो अधिक तेजी से बीमारी का निदान करने में मदद कर सकती है।

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित अध्ययन की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह परीक्षण "दुर्गम" मस्तिष्क ट्यूमर वाले रोगियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकती है, जिन्हें जल्द से जल्द इलाज शुरू करने से लाभ हो सकता है।
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ब्रेन ट्यूमर की समस्या का निदान - फोटो : Pixabay
कई प्रकार के ब्रेन ट्यूमर का हो सकेगा निदान

इंपीरियल कॉलेज लंदन और इंपीरियल कॉलेज हेल्थकेयर एनएचएस ट्रस्ट द्वारा संचालित ब्रेन ट्यूमर रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के शोधकर्ताओं ने पाया कि इस टेस्ट से  ग्लियोब्लास्टोमा (जीबीएम) सहित ब्रेन ट्यूमर के अन्य कई प्रकारों का आसानी से पता लगाया जा सकता है। जीबीएम मस्तिष्क का सबसे आम प्रकार का कैंसर है, वयस्कों में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है। 

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रक्त की जांच - फोटो : Pixabay
कैसे काम करता है ये टेस्ट

वैज्ञानिक इस परीक्षण का वृहद स्तर पर अध्ययन कर रहे हैं और यदि  ये सफल रहा तो रोगियों को दो वर्षों में इस नए परीक्षण का लाभ मिल सकता है।

ट्राइनेट्रा-ग्लियो नामक ये ब्लड टेस्ट, ग्लियाल कोशिकाओं की पहचान करने में मददगार है। ये कोशिकाएं ब्रेन ट्यूमर से निकली होती हैं और रक्त में तैरती रहती है। रक्त में इन कोशिकाओं की माइक्रोस्कोप से पहचान की जा सकती है। इसका पाया जाना ये संकेत हो सकता है कि ब्रेन में ट्यूमर का विकास हो रहा है।
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युवाओं में बढ़ रही है ब्रेन ट्यूमर की समस्या - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

ब्रेन ट्यूमर रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का नेतृत्व करने वाली डॉ. नेलोफर सैयद कहती हैं, ब्रेन ट्यूमर का शीघ्र पता लगाने के लिए ये सस्ती विधि है जो रोगी के देखभाल में महत्वपूर्ण हो सकती है। अभी भी हमारे लिए कुछ रास्ता तय करना बाकी है, लेकिन यह उन लोगों के लिए काफी मददगार है जो ट्यूमर के स्थान या अन्य बाधाओं के कारण ब्रेन बायोप्सी नहीं करा सकते हैं।

शोधकर्ता कहते हैं, ब्रिटेन में किसी भी अन्य कैंसर की तुलना में ब्रेन ट्यूमर से 40 वर्ष से कम उम्र के अधिक लोगों की मौत होती है। अगर हम रोगियों में कैंसर का समय रहते पता लगा लेते हैं तो ये उनकी जान बचाने में काफी मददगार हो सकता है।


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स्रोत और संदर्भ
Imperial research breakthrough could spare brain cancer patients risky surgery

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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