माइक्रोप्लास्टिक उन हानिकारक सूक्ष्म तत्वों में से एक हैं, जिनसे हमारे शरीर को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है। शोधकर्ता बताते हैं, कई अध्ययनों में पाया गया है कि हमारे शरीर में समय के साथ माइक्रोप्लास्टिक्स की मात्रा बढ़ने का खतरा है। दैनिक जीवन में इस्तेमाल की जाने वाली कई चीजों के कारण इसका जोखिम देखा जा रहा है। प्लास्टिक की बोतल को इसके लिए प्रमुख कारक पाया गया है।
अगर आप भी प्लास्टिक की बोतल में पानी पीते हैं तो सावधान हो जाइए, ये हमारे शरीर में कई गंभीर और क्रोनिक बीमारियों को बढ़ा सकती है, इतना ही नहीं इससे कैंसर जैसे जानलेवा रोगों का भी खतरा हो सकता है।
शोध से पता चलता है कि प्लास्टिक की बोतल में प्रत्येक लीटर पानी में प्लास्टिक के 100,000 से अधिक सूक्ष्म टुकड़े हो सकते हैं। अध्ययन से पता चलता है कि केवल एक बोतल पानी पीने से हम 10 गुना अधिक मात्रा में प्लास्टिक को शरीर में प्रवेश की अनुमति दे रहे होते हैं। प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े जो बोतलों की परतों से निकालते हैं उन्हें माइक्रोप्लास्टिक्स और नैनोप्लास्टिक्स कहा जाता है। ये समय के साथ शरीर में कई बीमारियों का कारक हो सकते हैं।