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World Cancer Day 2020: 2018 में कैंसर से हुई 96 लाख लोगों की मौत, इस बीमारी के लक्षण पहचानिए

Tue, 04 Feb 2020 10:21 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क,अमर उजाला,नई दिल्ली
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कैंसर
कैंसर की बीमारी को लेकर एक सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस बीमारी के लक्षण आखिरी स्टेज में पता लगते हैं जिसकी वजह से कई बार मरीज की जान चले जाती है। अगर वक्त पर कैंसर की बीमारी का पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है। कैंसर की जंग को जीतने के लिए ही हर साल चार फरवरी को  विश्व कैंसर दिवस का आयोजन किया जाता है ताकि लोग इस बीमारी को लेकर जागरुक हो सकें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, हर साल होने वाली छह मौतों में से एक मौत की वजह कैंसर की बीमारी होती है। साल 2018 में कैंसर की बीमारी की वजह से दुनियाभर में 96 लाख से ज्यादा मौतें हुई थी।


 
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कैंसर
अगर भारत की बात करें तो ब्रेस्ट कैंसर ने सबसे तेजी से अपने पांव पसारे हैं। भारतीय महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ा है। साल 2016 की आईसीएमआर रिपोर्ट की बात करें तो भारत में कैंसर के मरीजों की संख्या 14 लाख से ज्यादा है। भारत में हर साल 10 लाख मरीज कैंसर की बीमारी का इलाज कराते हैं।  पुरुषों में सबसे ज्यादा तादाद फैफड़े के कैंसर के मरीजों की है जो कि 10.6 फीसदी है जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की तादाद 27.5 फीसदी है।   
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फेफड़े का कैंसर - फोटो : अमर उजाला
न्यूरोसर्जन डॉक्टर मनीष कुमार कहते हैं कि जीवनशैली में सुधार के जरिए कैंसर जैसी घातक बीमारी पर रोकथाम संभव है। सही वक्त रहते अगर कैंसर की बीमारी का इलाज करा लिया जाए तो इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। साल 2030 तक कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़कर 17.3 लाख से ज्यादा होने की संभावना है। वहीं 2020 तक इस बीमारी से मरने वाले मरीजों की संख्या 880,000  को पार कर सकती है। ये आंकड़ें इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के हैं।
 

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फेफड़े का कैंसर - फोटो : अमर उजाला
कैंसर होने पर आपका शरीर आपको कई तरह के संकेत देने लगता है। इन संकेतों को पहचानकर आप कैंसर की बीमारी का प्रारंभिक स्टेज में ही पता लगा सकते हैं। आइए जानते हैं कैंसर होने पर शरीर किस तरह के संकेत देता है।
लागातार सांस फूलना
कई बार ऐसा होता है कि बिना किसी थकान के या जरा सा चलने से ही सांस फूलने लगती है, अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें। क्योंकि सामान्यत: ज्यादा तेज दौड़ने या चलने से ही सांस फूलती है।  
 
 
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cancer - फोटो : सोशल मीडिया
भूख कम लगना
भूख न लगने की वजह ज्यादातर पाचन तंत्र का खराब होना होता है। अगर आपको पाचन संबंधी कोई परेशानी है और भूख नहीं लग रहीं है तो ये कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन अगर आपके साथ ये समस्या लंबे समय से है तो जरूरत है कि आप किसी डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि ये समस्या कैंसर के शुरूआती लक्षणों में से एक हो सकती है।
 
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breast cancer - फोटो : pixabay
लगातार खून बहना
आपको अगर कभी शौच के रास्ते या फिर खांसते या थूकते समय ब्लीडिंग हो जाए तो तुरंत सावधान हो जाएं। ये समय बिल्कुल भी लापरवाही करने का नहीं है, तुरंत ही किसी अच्छे डॉक्टर से सम्पर्क करें। चाहे ये लक्षण कैंसर का नभी हो लेकिन शरीर में किसी न किसी बीमारी का संकेत तो है ही।
 
 
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cancer - फोटो : pixa
घाव का ठीक न होना
डायबिटीज के मरीजों के साथ होता है कि यदि उनके शरीर में कोई घाव हो जाए तो वह जल्दी ठीक नहीं होता। लेकिन अगर आपको शुगर की बीमारी नहीं है और कहीं पर चोट लगने पर वो ठीक होने का नाम नहीं ले रही है तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें। क्योंकि यहीं छोटी-छोटी लापरवाहियां आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बनती हैं।
 
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