फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Brain Day: मस्तिष्क की बीमारियों से बचने के लिए जानिए क्या खाएं-क्या नहीं? ये एक चीज सबसे बड़ी दुश्मन

Sat, 22 Jul 2023 10:54 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
मस्तिष्क को कैसे रखें स्वस्थ? - फोटो : Istock
हमारा मस्तिष्क पूरे शरीर को गतिविधियों को नियंत्रित करने में मदद करता है। यही कारण है कि इसे स्वस्थ रखने के लिए निरंतर उपाय करते रहने की आवश्यकता होती है। मस्तिष्क को स्वस्थ रखने और इसके कार्यों को सुचारू तरीके के जारी रखने के लिए जरूरी है कि हमारी जीवनशैली और आहार भी स्वस्थ रहे। दुर्भाग्यवश इन दोनों में होने वाली गड़बड़ी के कारण वैश्विक स्तर पर तेजी से मस्तिष्क से संबंधित रोगों का खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। 

दुनियाभर में मस्तिष्क से संबंधित रोगों के बढ़ते जोखिम को कम करने और इसकी बीमारियों से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 22 जुलाई के वर्ल्ड ब्रेन डे मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं, मस्तिष्क की सेहत के लिए आहार की विशेष भूमिका होती है। हम क्या खाते हैं, इसका सीधा असर शरीर के इस महत्वूर्ण अंग को प्रभावित करता है। 

कुछ चीजें आपके मस्तिष्क के लिए हानिकारक हो सकती हैं, यहां तक कि इससे डिमेंशिया जैसी बीमारियों के बढ़ने का भी खतरा हो सकता है। आइए जानते हैं कि मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाना चाहिए और किससे दूरी बनानी चाहिए?
विज्ञापन

2 of 4
मस्तिष्क के लिए जरूरी है स्वस्थ आहार - फोटो : istock
मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं?

आहार में कुछ चीजों को शामिल करके आप मस्तिष्क को स्वस्थ और मजबूत बनाए रख सकते हैं।

फैटी फिश खाएं
फैटी फिश, ओमेगा -3 फैटी एसिड का समृद्ध स्रोत हैं। आपके मस्तिष्क का लगभग 60% हिस्सा वसा से बना है और उस वसा का आधा हिस्सा ओमेगा-3 फैटी एसिड से बना होता है। ऐसे में मछलियों का सेवन आपके दिमाग को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है।

हल्दी
हल्दी में करक्यूमिन पाया जाता है जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को लाभ पहुंचा सकता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी यौगिक के रूप में काम करता है जिससे याददाश्त की समस्याओं का जोखिम कम होने के साथ मस्तिष्क कोशिकाओं में होने वाली क्षति के कारण बीमारियों का खतरा कम होता है।

ब्रॉकली
ब्रॉकली, एंटीऑक्सीडेंट सहित शक्तिशाली प्लांट बेस्ड यौगिकों से भरपूर होती है। इसमें विटामिन-के पाया जाता है, जो ब्रेन सेल्स को स्वस्थ रखने और बीमारियों को कम करने में सहायक है। वयस्कों पर किए गए कुछ अध्ययनों में पाया गया कि जो लोग विटामिन-के का सेवन करते हैं उनकी स्मृति और संज्ञानात्मक शक्ति मजबूत होती है।
विज्ञापन

3 of 4
मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाने वाली चीजें - फोटो : iStock
इन चीजों का कम करें सेवन

मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाना चाहिए, इससे ज्यादा जरूरी यह जानना है कि आपको क्या नहीं खाना चाहिए?

ज्यादा मीठी चीजें नुकसानदायक
मीठी चीजें सिर्फ ब्लड शुगर ही नहीं बढ़ाती हैं, इनसे आपके मस्तिष्क को भी क्षति पहुंचती है। अगर आप ऐसी चीजें खाते हैं तो आपका ब्लड शुगर बढ़ सकता है जिससे हृदय रोग और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। अधिक चीनी खाने से मस्तिष्क में इंसुलिन प्रतिरोध भी बढ़ने लगता है, जो सीखने, स्मृति और न्यूरॉन विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

ट्रांस फैट वाली चीजें 
ट्रांस फैट को अध्ययनों में कई प्रकार से सेहत के लिए हानिकारक पाया गया है, इनके अधिक सेवन से मस्तिष्क की उत्पादकता और न्यूरोनल गतिविधि धीमी हो जाती है। ब्रेन सेल्स को भी इस तरह की चीजों के अधिक सेवन से क्षति पहुंचती है जिसके कारण मस्तिष्क से संबंधित कई बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।

अल्कोहल बहुत हानिकारक
शराब की थोड़ी भी मात्रा शरीर के लिए नुकसानदायक होती है, इसे संपूर्ण शारीरिक, विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया है। लंबे समय तक शराब का सेवन आपके मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर संचार को बाधित कर सकता है। समय के साथ स्मृति हानि, चीजों को समझने की शक्ति भी कम हो सकती है।
विज्ञापन

4 of 4
धुम्रपान से मस्तिष्क रोगों का खतरा - फोटो : Pixabay
धूम्रपान-सबसे बड़ा दुश्मन

मस्तिष्क की सेहत के लिए जिन चीजों को सबसे हानिकारक दुष्प्रभावों वाला पाया गया है, धूम्रपान उनमें से एक है। शोधकर्ताओं ने पाया कि धूम्रपान करने वालों का सेरेब्रल कॉर्टेक्स, धूम्रपान न करने वालों की तुलना में पतला हो जाता है। सेरेब्रल कॉर्टेक्स मस्तिष्क का वह हिस्सा है जो स्मृति और सीखने सहित सोचने के कौशल के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें होने वाली क्षति न सिर्फ आपके सामाजिक कौशल को कम करती है साथ ही मस्तिष्क से संबंधित कई गंभीर बीमारियों को बढ़ाने वाली भी हो सकती है।




----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें