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World AIDS Day 2025: एड्स से जुड़ी इन अफवाहों को कहीं सच तो नहीं मानते आप? जान लें हकीकत

Mon, 01 Dec 2025 01:30 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

AIDS Myths: एचआईवी एक बेहद गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्या है, जिससे हमारे देश की एक बड़ी आबादी संक्रमित है। इसको लेकर हमारे समाज में कई भ्रांतियां और अफवाहें हैं, जिसकी सच्चाई के बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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एचआईवी संक्रमण का खतरा - फोटो : Adobe Stock
World AIDS Day 2025:  हर साल 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य एड्स और ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) से जुड़ी जानकारी के बारे में लोगों को जागरूक करना है। एचआईवी से जुड़ी कई भ्रांतियां और अफवाहें हमारे समाज में फैली हुई हैं। दुर्भाग्य से समाज में एचआईवी के फैलने के तरीकों को लेकर कई ऐसे मिथक प्रचलित हैं, जो संक्रमित लोगों के प्रति अनावश्यक डर, कलंक और भेदभाव पैदा करते हैं। एड्स से प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए यह जानना सबसे जरूरी है कि यह वायरस किन तरीकों से नहीं फैलता।

एचआईवी एक बहुत खतरनाक वायरस है जो शरीर के बाहर ज्यादा देर तक जीवित नहीं रह सकता। यह केवल कुछ विशिष्ट शारीरिक तरल पदार्थों (रक्त, वीर्य, योनि स्राव) के सीधे संपर्क से फैलता है। मगर लोग कुछ अफवाहों को सच मानने लगते हैं जिससे लोग डर के कारण मरीजों से दूरी बनाते हैं। इसलिए आइए इस लेख में एड्स से जुड़े कुछ अफवाहों और उसके सच्चाई के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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छूने से नहीं फैलता है एचआईवी - फोटो : Adobe Stock
छूने, गले लगाने या हाथ मिलाने से फैलता है
कई लोग मानते हैं कि एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति को छूने, गले लगाने या हाथ मिलाने मात्र से वायरस फैल सकता है। लेकिन यह धारणा पूरी तरह गलत है। एचआईवी हवा या पानी से नहीं फैलता। यह पसीना, आंसू या सामान्य स्पर्श से नहीं फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के साथ खाना खाने, एक ही बर्तन इस्तेमाल करने, या एक ही बाथरूम का उपयोग करने से भी संक्रमण नहीं फैलता है।

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मच्छर काटने से भी नहीं फैलता है ये वायरस - फोटो : Adobe Stock
मच्छर के काटने या कीड़ों से फैलना
यह एक और बड़ा मिथक है कि मच्छर, खटमल या किसी अन्य कीट के काटने से एचआईवी फैल सकता है। मच्छर या अन्य कीट एचआईवी का संचरण नहीं करते हैं। एचआईवी केवल मानव रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करता है। जब मच्छर किसी एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो वह वायरस को अपनी लार में नहीं ले जाते।

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HIV वायरस - फोटो : Adobe Stock Images
सार्वजनिक शौचालय या स्विमिंग पूल
सार्वजनिक शौचालय, स्विमिंग पूल, या पीने के फव्वारे का उपयोग करने से एचआईवी फैल सकता है। यह धारणा बिल्कुल निराधार है। चूंकि एचआईवी शरीर के बाहर लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकता, इसलिए ये वायरस पानी या हवा में नहीं फैलते। सार्वजनिक स्थानों, दरवाजे के हैंडल या लिफ्ट के बटनों को छूने से भी संक्रमण नहीं होता।

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HIV - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
एचआईवी संक्रमण का मतलब जीवन खत्म है।
कई अध्ययनों से साबित हुआ है कि एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति आज भी एड्स से बच सकता है। एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी की मदद से, वे लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। समय पर दवा लेने और सही खान-पान से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनी रहती है, जिससे रोग के कारण होने वाली जटिलताएं काफी कम हो जाती हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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