फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World AIDS Day: एड्स खतरनाक, पर इसकी अफवाहें ज्यादा गंभीर, कहीं इन बातों को आप भी तो नहीं मानते हैं सच?

Thu, 01 Dec 2022 04:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
विश्व एड्स दिवस 2022
एड्स वैश्विक स्तर पर सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है, जिसके कारण हर साल लगभग लाखों लोगों की मौत हो जाती है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में दुनियाभर में एड्स के कारण साढ़े छह लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। 2004 में एड्स के कारण 14 लाख जबकि 2010 में एड्स के कारण 20 लाख से अधिक मौत रिपोर्ट की गई। एड्स के बढ़ते वैश्विक जोखिम से बचाव और इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एड्स से बचाव के लिए जरूरी है कि लोगों में इसके बारे में सही जानकारी हो।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनो डेफिसिएंसी वायरस)/एड्स (एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम) की पहचान को लगभग तीन दशक हो गए हैं, हालांकि अब भी लोगों में इसकी सही जानकारियों का अभाव देखा जा रहा है। बड़ी आबादी के बीच इस बीमारी के बारे में समझ की कमी और इससे जुड़ा कलंक और गलत सूचनाएं हैं, जिसके कारण इसका प्रबंधन कठिन हो रहा है। आइए एड्स को लेकर फैली ऐसी ही कुछ मिथ्स के बारे में जानते हैं, जिसको अब भी लोग सही मानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
विश्व एड्स दिवस 2022 - फोटो : Istock
मिथ- एड्स वाले लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एड्स के प्रसार को लेकर लोगों के बीच अब भी बड़ा भ्रम देखा जा रहा है, इसी वजह से संक्रमितों को कलंक और सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है। पर असल में एड्स के प्रसार को लेकर अधिकतर बातों में सच्चाई कम ही है। एड्स, संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से नहीं फैलता है, संक्रमित व्यक्ति के साथ वस्तुएं साझा करने से भी इसका खतरा नहीं होता है। संक्रमित के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित रक्त के माध्यम से ही इसके फैलने का जोखिम हो सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
मादक पदार्थ और एड्स का संबंध - फोटो : iStock
मिथ- मादक पदार्थों का सेवन करने वालों में एड्स का जोखिम अधिक

मादक पदार्थों का सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है, पर यह एड्स का कारण नहीं बनते हैं। जिन लोगों को एचआईवी संक्रमण होता है उनमें प्रतिरक्षा प्रणाली के कमजोरी की दिक्कत होती है, ऐसे में मादक पदार्थों का सेवन आपकी जटिलताओं को बढ़ाने वाला जरूर हो सकता है। हालांकि इसे संक्रमण का कारक नहीं माना जा सकता है।

4 of 5
समलैंगिक और एड्स का खतरा - फोटो : istock
मिथ- केवल समलैंगिकों में होता है संक्रमण

अध्ययनों से पता चलता है कि समलैंगिकों में एचआईवी का खतरा अधिक होता है, पर सिर्फ इसे ही एड्स का कारण नहीं माना जा सकता है। असुरक्षित यौन संबंधों के कारण इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ असुरक्षित संबंध बनाते हैं जो एचआईवी संक्रमित है तो आपमें इस संक्रमण का खतरा काफी अधिक हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
एड्स के जोखिमों को जानिए - फोटो : Pixabay
मिथ- संक्रमित महिलाओं को नहीं करना चाहिए गर्भधारण

यह अफवाह काफी तेजी से बढ़ रही है कि यदि आप एचआईवी संक्रमित हैं तो आपसे होने वाले बच्चे में संक्रमण हो सकता है, इसलिए बेहतर है कि ऐसे लोग गर्भधारण न करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्भावस्था के दौरान प्रबंधन के उपायों को प्रयोग में लाकर संक्रमित मां से बच्चे में संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है। संक्रमित महिला डॉक्टर की सलाह के आधार पर स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है।



---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें