आहार पर दें ध्यान
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ज्यादा चीनी से होने वाली दिक्कतें
यूके बायोबैंक में 63,433 बच्चों के डेटा अध्ययन के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की गई है। इन बच्चों में कोई आम कार्डियोवैस्कुलर बीमारी नहीं थी। अध्ययन में पाया गया कि जिन बच्चों को जन्म के दो साल तक चीनी वाली चीजें कम दी गईं, उनमें कार्डियोवैस्कुलर बीमारी का खतरा उन लोगों की तुलना में 20% कम था जिन बच्चों ने चीनी से भरपूर चीजों का सेवन किया।
कम चीनी खाने वाले बच्चों में मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (25%), हार्ट फेलियर (26%), स्ट्रोक (31%), एट्रियल फिब्रिलेशन (24 %) और कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से होने वाली मौत (27%) का खतरा भी कम था।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे अक्सर दिनभर में जितनी चीनी लेते हैं, उसका उन्हें पता भी नहीं चलता। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट कहती है कि बच्चों को दिनभर में 25 ग्राम से ज्यादा चीनी नहीं लेनी चाहिए, लेकिन भारत में शहरों के ज्यादातर बच्चे इससे कहीं ज्यादा चीनी रोजाना ले रहे हैं। इसका सीधा असर उनके वजन, दांतों, ऊर्जा स्तर, और यहां तक कि भविष्य में होने वाली बीमारियों पर पड़ता है।
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स्रोत
Exposure to sugar rationing in first 1000 days after conception and long term cardiovascular outcomes: natural experiment study
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