पाचन को ठीक रखने के लिए प्रोबायोटिक्स
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पाचन को ठीक रखने के लिए जरूरी हैं प्रोबायोटिक्स
अध्ययनों से पता चलता है कि अनुचित आहार, तनाव और एंटीबायोटिक्स के बढ़ते इस्तेमाल के चलते आंतो में मौजूद इन स्वस्थ बैक्टीरिया को नुकसान हो रहा है। यही कारण है कि लोगों में गैस, अपच, दस्त, कब्ज, और कई प्रकार की आंत की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
हार्वर्ड हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट से पता चलता है कि अगर आप नियमित रूप से प्रोबायोटिक्स वाली चीजों का सेवन करते हैं तो इससे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और इंफ्लेमेटरी बॉउल डिजीज जैसी पेट की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।
जिन लोगों को अक्सर गैस, सूजन, कब्ज और अपच की समस्या रहती है उनको आहार में प्रोबायोटिक्स की मात्रा बढ़ाने की सलाह दी जाती है।