हृदय रोग, वैश्विक स्तर पर मृत्यु का प्रमुख कारण रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों की रिपोर्ट्स देखें तो पता चलता है कि पहले की तुलना में अब हृदय रोगों के मामले ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं और इस कारण से मृत्युदर भी बढ़ा है। कई अध्ययनों में बताया गया है कि समय के साथ हमारा हृदय कमजोर होता जा रहा है, जिसके लिए बड़े स्तर पर लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी एक प्रमुख कारण है।
पहले के लोगों की तुलना में हमारा हृदय क्यों इतना कमजोर होता जा रहा है? इस बारे में समझने के लिए अमर उजाला ने दिल्ली के वरिष्ट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अमित भारद्वाज से बातचीत की। डॉ अमित कहते हैं, इसमें कोई शक नहीं है कि मेरे 18 साल के अनुभव में पहले की तुलना में अब हृदय रोगों के मामले ज्यादा कॉमन हो गए हैं, कम उम्र के लोगों में भी इसका निदान हो रहा है।
इसके लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार है। कुछ के बारे में हमें जानकारी है पर उसपर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, जबकि कुछ कारणों के बारे से ज्यादातर लोग अनजान हैं।