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Eye Problems: आंखों में जलन-चुभन ने कर दिया है परेशान? जानिए कैसे पाएं आराम, कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी

Sun, 26 Apr 2026 08:51 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Aankho Me Jalan Kaise Dur Kare: आंखों में खुजली अक्सर एलर्जी का संकेत हो सकती है, जबकि जलन डिहाइड्रेशन, धूल या संक्रमण की वजह से भी हो सकती है। अगर इसके साथ पानी आना, धुंधला दिखना, तेज दर्द या रोशनी से परेशानी हो रही है, तो यह केवल सामान्य खुजली नहीं बल्कि किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। 
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गर्मियों में आंखों की समस्याएं - फोटो : freepik.com
देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है। विशेषतौर पर उत्तर भारत में लगातार बढ़ता पारा सेहत के लिए मुश्किलें खड़ी करते जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बढ़ती गर्मी उन लोगों के लिए और भी खतरनाक हो सकती है, जो पहले से क्रॉनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या फिर दिल की बीमारियों का शिकार हैं।

डॉक्टर कहते हैं, गर्मी के इस मौसम में अपनी आंखों की सेहत को लेकर भी सावधान रहने की जरूरत है। तेज धूप, गर्म हवाएं, पसीना और डिहाइड्रेशन आंखों में जलन, खुजली, लालिमा जैसी समस्याओं को बढ़ा देते हैं। कई लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार आंखों में जलन होना खतरनाक हो सकता है, जिसे लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

क्या आप भी इन दिनों आंखों में जलन-चुभन या भारीपन जैसी समस्या से परेशान हैं? 
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आंखों में जलन-चुभन की दिक्कत - फोटो : Adobe Stock
क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ कल्पना शेखावत बताती हैं, गर्मियों में आंखों की बाहरी सतह जल्दी सूखने लगती है। जब आंखों में पर्याप्त नमी नहीं रहती, तो ड्राई आई सिंड्रोम, एलर्जी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। 

इसके अलावा एयर कंडीशनर में लंबे समय तक बैठना, धूप में बिना चश्मे के निकलना और बार-बार आंखें मलना आपकी स्थिति को और खराब कर सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है क्योंकि उनकी आंखें अधिक संवेदनशील होती हैं।

आइए जान लेते हैं कि अगर आंखों में जलन-चुभन हो रही है तो क्या करना चाहिए और कौन सी सावधानियां जरूरी हैं?
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आंखों की समस्याओं को कैसे ठीक करें? - फोटो : Freepik.com
आंखों की जलन से कैसे पाएं आराम?

डॉक्टर कहती हैं, आंखों में हल्की जलन या खुजली है, तो सबसे पहले ठंडे साफ पानी से आंखों को धोना या ठंडी पट्टी रखना आपको आराम दे सकता है। इससे सूजम कम होती है और जलन से भी राहत मिलती है।
 
  • आंखों में जलन हो तो स्क्रीन टाइम कम करें। लगातार मोबाइल, टीवी देखने से आंखों का झपकना कम होता है जिससे आंखें जल्दी सूखती हैं। 
  • यदि एलर्जी की वजह से खुजली हो रही है, तो आंखें मलने से बचें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर आई ड्रॉप ले सकते हैं।
  • बिना डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से कोई भी आई ड्रॉप खरीदकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। एक ड्रॉप जिससे किसी को आराम मिल रहा हो वो जरूरी नहीं है कि हर किसे के लिए फायदेमंद हो।
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आंखों की सेहत का रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com
इन बातों का रखें खास ध्यान

डॉक्टर कहती हैं, आंखों में जलन-चुभन होने पर सबसे जरूरी है आंखों को बार-बार हाथ लगाने से बचना चाहिए। हाथों में मौजूद बैक्टीरिया संक्रमण का कारण बन सकते हैं। धूप में निकलते समय सिर और आंखों को कवर करें। तौलिया, रूमाल या आई मेकअप किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए।

डॉक्टर कहती हैं अगर आंखों में तेज दर्द, लगातार लालिमा, धुंधला दिखने या तेज रोशनी से परेशानी हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। गर्मियों में छोटी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है।


गर्मियों में आंखों को कैसे रखें सुरक्षित?

अपनी आंखों को स्वस्थ रखने और गर्मी के कारण होने वाली दिक्कतों से बचाए रखने के लिए डॉक्टर कुछ जरूरी उपायों की सलाह देते हैं। 
 
  • चेहरे और आंखों की स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। दिन में 2–3 बार साफ पानी से चेहरा धोना और गंदे हाथों से आंखों को न छूना संक्रमण के खतरे को कम करता है।
  • डाइट में विटामिन्स और ओमेगा-3 से भरपूर चीजें शामिल करें। 
  • गाजर, पालक, संतरा, बादाम, अलसी और मछलियां आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं।
  • अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो गर्मियों में हाइजीन का ध्यान रखना जरूरी है। लंबे समय तक लेंस पहनने से दिक्कत बढ़ सकती है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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