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चिंता: उम्र बढ़ रही लेकिन लंबाई नहीं, बच्चे की धीमी ग्रोथ के पीछे हो सकते हैं ये कारण

Thu, 03 Sep 2026 07:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बच्चे की लंबाई कम होना हमेशा बीमारी का संकेत नहीं होता। धीमी ग्रोथ के पीछे पोषण की कमी, क्रॉनिक बीमारी, थायरॉइड या ग्रोथ हार्मोन की समस्या भी हो सकती है। 
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बच्चों की हाइट न बढ़ने के कारण - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपके बच्चे की भी हाइट उसके उम्र के हिसाब से नहीं बढ़ रही है? कहीं ये किसी बीमारी के कारण तो नहीं है?

बच्चे की लंबाई को लेकर माता-पिता में चिंता होना काफी आम है। इसके लिए आमतौर पर कई कारणों को जिम्मेदार माना जाता है। अक्सर मान लिया जाता है कि माता-पिता की हाइट कम है, इसलिए बच्चा भी छोटा रह गया। कोई इसे खान-पान या विटामिन की कमी मानकर खुद से सप्लीमेंट शुरू कर देता है। लेकिन हर छोटे कद का मतलब बीमारी नहीं होती।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चे की लंबाई को समझने के लिए सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि वह कितना लंबा है, यह देखना भी जरूरी है कि समय के साथ उसकी ग्रोथ किस रफ्तार से हो रही है?  

कुछ बच्चों की हाइट माता-पिता की लंबाई के कारण स्वाभाविक रूप से कम होती है। कुछ बच्चों में किशोरावस्था और ग्रोथ स्पर्ट देर से आता है और बाद में वे सामान्य लंबाई तक पहुंच सकते हैं। लेकिन अगर बच्चा पहले जिस रफ्तार से बढ़ रहा था, अब उस रफ्तार से नहीं बढ़ रहा है तो इसपर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
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बच्चों की हाइट क्यों नहीं बढ़ रही? - फोटो : Freepik.com
बच्चे की लंबाई कम होने की समस्या

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लंबे समय तक पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व न मिलने से कई बच्चों का विकास प्रभावित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, आयरन, आयोडीन और विटामिन ए जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स बच्चों की सामान्य वृद्धि और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
 
  • इसके अलावा सीलिएक डिजीज, लंबे समय की किडनी या आंतों की बीमारी, एनीमिया, थायरॉइड की समस्या, ग्रोथ हार्मोन की कमी और कुछ आनुवंशिक स्थितियां भी लंबाई न बढ़ने का कारण हो सकती हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर बच्चा अपने हमउम्र बच्चों से छोटा है, तो अकेले इस आधार पर बीमारी नहीं मानी जाती। माता-पिता की लंबाई कम होने से कई स्वस्थ भी बच्चे स्वाभाविक रूप से छोटे हो सकते हैं। इसके लिए आनुवांशिकता को कारण माना जाता है।  लेकिन चिंता तब बढ़ती है जब बच्चे के विकास की रफ्तार सामान्य से कम हो रही हो। 
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बच्चों में पोषक तत्वों की कमी - फोटो : Freepik.com
पोषण की कमी भी हो सकती है कारण

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पोषण की कमी बच्चे की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक पर्याप्त भोजन, प्रोटीन और जरूरी विटामिन-मिनरल न मिलने पर शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है।
 
हालांकि, हर बार हाइट कम होने को पोषक तत्वों की कमी हो नहीं माना जा सकता। डॉक्टर बच्चे के खान-पान, ग्रोथ पैटर्न और अन्य लक्षण देखकर तय करते हैं कि किसी पोषक तत्व की कमी की जांच जरूरी है या नहीं?
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बच्चों की हाइट - फोटो : Freepik.com
कहीं ये कोई बीमारी तो नहीं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चे की हाइट कम रह जाने का कारण कई बार शरीर में छिपी बीमारी भी हो सकती है।
 
  • पीडियाट्रिक एंडोक्राइन सोसायटी के अनुसार सीलिएक डिजीज, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज, किडनी की बीमारी, एनीमिया और हड्डियों की कुछ बीमारियां बच्चे के संपूर्ण ग्रोथ को प्रभावित कर सकती हैं।
  • हाइपोथायरॉइडिज्म और ग्रोथ हार्मोन की कमी जैसी हार्मोन से जुड़ी समस्याओं के कारण भी बच्चे की हाइट रुक सकती है।
  • कुछ बच्चों में आनुवंशिक कारण भी हो सकते हैं। 
  • समस्या का पता लगाने के लिए डॉक्टर माता-पिता की लंबाई, बर्थ हिस्ट्री, पोषक तत्वों की कमी और दूसरे कारणों की जांच करते हैं।

डॉक्टर कहते हैं,  अगर बच्चे की लंबाई बहुत कम है और ग्रोथ की रफ्तार धीमी हो रही है तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। अगर हाइट के साथ वजन भी कम हो, लंबे समय से पेट की परेशानी, दस्त, कमजोरी, अत्यधिक थकान जैसी दिक्कतें भी हो रही हों तो समय पर जांच और कारणों का पता लगाना जरूरी है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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