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Infertility: महिलाओं में क्यों बढ़ती जा रही है इनफर्टिलिटी की समस्या? डॉक्टर ने दिए चार सुझाव

Sat, 06 Sep 2025 08:00 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बहुत से ऐसे लोग हैं जो इनफर्टिलिटी की वजह से बच्चे नहीं कर पाते हैं। अगर महिलाओं में इनफर्टिलिटी की बात कि जाए तो इसके मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आइए इस लेख में डॉक्टर से इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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गर्भधारण में समस्या - फोटो : Amar Ujala
Infertility in Women Causes: आज की बदलती जीवनशैली में इनफर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है, जो सिर्फ पुरुषों को ही नहीं, महिलाओं को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रही है। भारत में इनफर्टिलिटी की समस्या लगातार बढ़ रही है और यह अब आंकड़ों में भी साफ दिख रहा है। एक शोध पत्र के अनुसार, भारत में इनफर्टिलिटी की दर 1992-93 में 22.4% थी, जो 2005-06 में बढ़कर 25.3% हो गई। इसके बाद, 2015-16 में यह दर 30.7% तक पहुंच गई, जो इस बात का संकेत है कि समस्या में लगातार वृद्धि हो रही है। यह एक ऐसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गई है जिस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। इसी सिलसिले में हमने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में गायनाकॉलाजिस्ट और आईवीएफ एक्सपर्ट, डॉक्टर शोभा गुप्ता से इस विषय पर खास बातचीत की।

डॉक्टर गुप्ता के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही यह समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है, जिसमें अगर महिलाओं में इनफर्टिलिटी के बारे में बात की जाए तो इसके कुछ खास कारण हैं। इसमें हमारी बदलती जीवनशैली और कुछ आदतें प्रमुख हैं, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए इस लेख में डॉक्टर शोभा गुप्ता की राय जानते हैं कि आखिर क्यों महिलाओं में यह समस्या बढ़ रही है और इससे कैसे बचा जा सकता है?

कारण 1: गैजेट्स का बढ़ता इस्तेमाल

डॉक्टर शोभा गुप्ता के मुताबिक महिलाओं में इनफर्टिलिटी बढ़ने का एक प्रमुख कारण मोबाइल और गैजेट्स का बढ़ता इस्तेमाल है। इससे एएमएच लेवल (एंटी-मुलरियन हार्मोन) में भी गिरावट आ रही है। एएमएच लेवल महिला की प्रजनन क्षमता का अनुमान लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण है, क्योंकि यह बताता है कि अंडाशय में कितने संभावित अंडे बचे हैं।
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गर्भधारण में क्यों हो रही है परेशानी? - फोटो : Adobe Stock
कारण 2: बदलती जीवनशैली और नाइट कल्चर

डॉक्टर गुप्ता बताती हैं कि नाइट कल्चर का बढ़ना, जिसमें देर रात तक जागना और अनियमित खान-पान शामिल है, हमारे शरीर की जैविक घड़ी (बायोलॉजिकल क्लॉक) को बिगाड़ रहा है। पिछले 15 वर्षों में हमारी जीवनशैली में कई बड़े बदलाव आए हैं, जो प्रजनन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा, स्लीप साइकिल का खराब होना भी एक बड़ा कारण है, क्योंकि इससे पर्याप्त और अच्छी नींद नहीं मिलती है, जिससे शरीर का हार्मोनल संतुलन प्रभावित होता है।

कारण 3: हानिकारक लत

डॉक्टर के अनुसार अल्कोहल, ड्रग एडिक्शन और स्मोकिंग जैसी हानिकारक लत भी महिलाओं में इनफर्टिलिटी को बढ़ा रही हैं। ये आदतें शरीर में विषैले पदार्थ जमा करती हैं, जो प्रजनन अंगों और हार्मोनल संतुलन को नुकसान पहुंचाते हैं। यह सिर्फ एग की क्वालिटी को ही नहीं, बल्कि पूरे प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। अब आइए कुछ सुझाव के बारे में जानते हैं जिसका पालन हर महिला करना चाहिए।
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स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
पहला सुझाव: डाइट में सुधार

इस समस्या से बचने के लिए, डॉक्टर शोभा गुप्ता का पहला और सबसे महत्वपूर्ण सुझाव है कि अपनी डाइट को अच्छा रखें। आहार में एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन सी से भरपूर चीजों को शामिल करें। ये पोषक तत्व एग की क्वालिटी को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसके लिए ताजे और मौसमी फल, सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है।

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sleep - फोटो : adobe stock
दूसरा सुझाव: पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी

एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है। डॉक्टर गुप्ता के अनुसार, हर महिला को 7-8 घंटे की गहरी और पूरी नींद लेनी चाहिए। इसके साथ ही, तनाव से दूर रहना भी बहुत जरूरी है। तनाव हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ता है, जो इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है। योग, मेडिटेशन और हॉबी को समय देना तनाव को कम करने में मदद करता है।
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धूम्रपान के नुकसान - फोटो : Freepik.com
तीसरा सुझाव: हानिकारक लत से बचें

डॉक्टर गुप्ता विशेष रूप से अल्कोहल, ड्रग्स और स्मोकिंग जैसी आदतों से दूर रहने की सलाह देती हैं। ये हानिकारक लत शरीर में विषैले पदार्थ जमा करती हैं, जो प्रजनन अंगों और हार्मोनल संतुलन को नुकसान पहुंचाते हैं। ये आदतें सिर्फ एग की क्वालिटी को ही नहीं, बल्कि पूरे प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।
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Mobile Use - फोटो : Adobe stock
चौथा सुझाव: गैजेट्स का सीमित उपयोग

अंत में, डॉक्टर शोभा गुप्ता सख्त सलाह देती हैं कि मोबाइल और वाईफाई डोंगल का इस्तेमाल कम से कम करें। सोने से पहले मोबाइल को खुद से दूर रखें और उसे अपने पास रखकर न सोएं। इससे आपके प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार होगा।
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आवीएफ - फोटो : Adobe Stock
डॉक्टर गुप्ता के अनुसार अगर इन सुझावों के बावजूद कोई महिला गर्भधारण करने में असफल रहती है, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आज मेडिकल साइंस में आईवीएफ जैसी कई आधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं जो बांझपन का सफल इलाज कर सकती हैं। सही समय पर सही सलाह और इलाज इस समस्या को दूर करने में बहुत महत्वपूर्ण है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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