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जानना जरूरी: कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से कई गंभीर बीमारियों का हो सकता है जोखिम, ये तीन उपाय इसे रखेंगे कंट्रोल

Tue, 01 Aug 2023 08:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाई कोलेस्ट्रॉल की मात्रा - फोटो : iStock
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल तीनों को कंट्रोल में रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण ये तीनों समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं, इसे कंट्रोल में करना बहुत आवश्यक है। ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की अनियंत्रित मात्रा के कारण हृदय रोगों को जोखिम सबसे अधिक बढ़ जाता है, हार्ट अटैक के बढ़ते जोखिमों के लिए भी ये प्रमुख जोखिम कारक है। 

कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार का होता है- एचडीएल और एलडीएल जिसे गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल के तौर पर भी जाना जाता है। गुड कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग से सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि बैड कोलेस्ट्रॉल के कारण दिल के दौरे जैसी समस्याओं का जोखिम हो सकता है।
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बैड कोलेस्ट्रॉल से हो सकती हैं कई समस्याएं - फोटो : Pixabay
बैड कोलेस्ट्रॉल के कारण

आहार की कई  चीजें शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया बहुत अधिक मात्रा में सेचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थ खाने से बैड (एलडीएल) कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। मांस और फुल फैट डेयरी उत्पादों में इसकी अधिकता हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आपकी दैनिक कैलोरी के 10% से अधिक मात्रा में सेचुरेटेड फैट की मात्रा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने पाया धूम्रपान करने वाले लोगों में भी बैड कोलेस्ट्रॉल होने का जोखिम अधिक होता है।

आइए जानते हैं कि किन उपायों का पालन करके कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है?
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नियमित योग व्यायाम से होने वाले लाभ - फोटो : istock
नियमित शारीरिक गतिविधि पर दें ध्यान

शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि अगर आप शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं तो यह कोलेस्ट्रॉल के जोखिमों को कम करने में सहायक हो सकता है। सप्ताह में कम से कम पांच बार 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि आपके गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार कर सकती है। वॉकिंग, रनिंग, तैरकी, बाइक चलाने जैसे अभ्यास की मदद से कोलेस्ट्रॉल की समस्या को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

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धुम्रपान के क्या दुष्प्रभाव हैं - फोटो : Pixabay
धूम्रपान न करें

धूम्रपान के कारण कोलेस्ट्रॉल की समस्या का खतरा कई गुना तक बढ़ सकता है। धूम्रपान करने वाले लोगों में समय के साथ हृदय रोगों के बढ़ने का खतरा भी अधिक हो सकता है। हालांकि जैसे ही आप इसे छोड़ते है, कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भी सुधार होने लग जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि धूम्रपान करने वालों में गुड कोलेस्ट्रॉल कम होने के कारण रक्त वाहिकाएं की क्षति का जोखिम काफी अधिक हो सकता है जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक है।
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आहार को स्वस्थ रखने पर दें ध्यान - फोटो : istock
स्वस्थ आहार का करें चयन

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञों ने बताया कि यदि आप स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का सेवन करते हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स, बीन्स शामिल होते हैं तो इससे भी कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में लाभ मिल सकती है। कोलेस्ट्रॉल और इसके कारण होने वाली समस्याओं को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नमक, चीनी, सेचुरेटेड फैट-ट्रांस वसा और रेड मीट का सेवन कम करने की सलाह देते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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