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अलर्ट: बिना लक्षणों के भी शरीर में महीनों तक रह सकता है लिवर संक्रमण, कैसे पकड़ें बीमारी?

Mon, 21 Sep 2026 05:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हेपेटाइटिस लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रह सकता है। कुछ लोगों में थकान, भूख कम लगने, पेट में दर्द या पीलिया जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं, लेकिन इनसे बीमारी की पुष्टि नहीं होती। खून जांच ही संक्रमण का पता लगाने का भरोसेमंद तरीका है।
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लिवर की समस्याएं - फोटो : Amarujala.com/AI
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने पूरी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। लिहाजा लिवर पर भी इसका सीधा असर देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कम उम्र के लोगों में लिवर इंफेक्शन सहित कई अन्य गंभीर समस्याओं को लेकर काफी चिंतित हैं।

लिवर में इन्फेक्शन (हेपेटाइटिस) मुख्यरूप से वायरस, बैक्टीरिया या दूषित पानी-भोजन के कारण होता है। लिवर शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है, जो 500 से अधिक आवश्यक कार्य करता है। ऐसे में लिवर में होने वाली किसी भी समस्या का असर संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर में संक्रमण होना गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। समय पर ध्यान न दिया जाए तो इससे लिवर डैमेज होने तक का खतरा बढ़ जाता है। पर चिंता की बात ये है कि लिवर में संक्रमण की स्थिति कई बार इतनी साइलेंट हो सकती है कि लोगों को इसका पता ही नहीं चल पाता।
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लिवर की बीमारियों का जोखिम - फोटो : Freepik.com
हेपेटाइटिस संक्रमण और इसके खतरे

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हेपेटाइटिस बी-सी जैसे संक्रमण की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लोगों को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उनके शरीर में वायरस मौजूद है। संक्रमण होने के बाद भी आप सामान्य दिख सकते हैं, रोजमर्रा का काम करते रहते हैं और कोई खास तकलीफ भी महसूस नहीं होती। कई बार संक्रमण तब पकड़ में आता है जब लिवर को काफी नुकसान हो चुका होता है।
 
  • हेपेटाइटिस बी हो या सी, शुरुआत में अगर इसके लक्षण आते भी हैं तो वे इतने सामान्य हो सकते हैं कि आमतौर पर उन्हें थकान, कमजोरी या पेट की मामूली परेशानी समझकर अनदेखा कर दिया जाता है। सीडीसी के अनुसार, करीब 75 से 85 प्रतिशत लोगों में हेपेटाइटिस सी के लक्षण नहीं होते।
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हेपेटाइटिस की समस्या - फोटो : Freepik.com
हेपेटाइटिस को ‘साइलेंट’ बीमारी क्यों कहा जाता है?

मेडिकल रिपोर्ट्स में हेपेटाइटिस को साइलेंट बीमारी माना जाता है। 
 
  • बहुत से लोगों को संक्रमण के दौरान कोई लक्षण नहीं दिखाई देते और लंबे समय तक बीमारी का पता नहीं चलता।  क्रॉनिक यानी लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण कई महीनों तक बिना लक्षण के रह सकता है। 
  • अगर लक्षण आते भी हैं तो थकान, भूख कम लगने या पेट में परेशानी जैसे सामान्य लक्षण हो सकते हैं जिन्हें अक्सर लोग सामान्य मानकर इग्नोर कर देते हैं। 
  • बिना इलाज के रहने वाला संक्रमण लंबे समय में लिवर में गंभीर नुकसान, सिरोसिस और लिवर डैमेज जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
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पेट में होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
किन संकेतों को न करें अनदेखा?

हेपेटाइटिस बी या सी में थकान के अलावा भूख कम लगने, मतली-उल्टी, पेट में दर्द, बुखार और जोड़ों में दर्द हो सकता है। 
  • कुछ लोगों में पेशाब और मल के रंग में बदलाव के साथ पीलिया की दिक्कत भी हो सकती है। 
  • खास बात यह है कि लिवर की दिक्कतें बढ़ने के बावजूद कई बार लोगों में शुरुआत में इसकी पहचान नहीं हो पाती है, जो आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

हेपेटाइटिस संक्रमण का पता लगाने के लिए खून की जांच जरूरी है। सीडीसी के अनुसार, केवल लक्षण देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आपको संक्रमण है या नहीं? अगर आपको लगातार पेट में दर्द, भूख कम लगने, थकान-कमजोरी के अलावा पीलिया की दिक्कत रहती है तो डॉक्टर की सलाह पर समय रहते टेस्ट जरूर करा लें। लक्षणों को अनदेखा करते रहना लिवर के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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