पाचन-कब्ज की समस्या
- फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिन लोगों में गुड बैक्टीरिया का संतुलन सही नहीं रहता है उन्हें कई तरह की दिक्कतें होती रह सकती हैं। इन्हीं लक्षणों की मदद से जाना जा सकता है कि बैक्टीरिया का संतुलन कैसा है।
अगर आंतों में में गुड बैक्टीरिया कम हो जाएं तो कब्ज, गैस, एसिडिटी, डायरिया जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बार-बार एंटीबायोटिक लेने, जंक फूड खाने और तनाव में रहने से इनका संतुलन बिगड़ सकता है।
यदि गुड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ता है, तो पाचन संबंधित समस्याएं जैसे गैस, सूजन या अपच बढ़ सकती हैं। आप अक्सर पेट में भारीपन या असहजता महसूस कर सकते हैं। गुड बैक्टीरिया पाचन में सहायक होते हैं।अगर इनकी संख्या कम होती है, तो पाचन सही तरीके से नहीं हो पाता।