फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हेल्थ अलर्ट: क्या आपको भी रहती है कब्ज की दिक्कत? कहीं ये गलतियां तो नहीं कर रहे आप

Tue, 06 Oct 2026 10:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कब्ज में मल सख्त हो जाता है, शौच में कठिनाई या पेट पूरी तरह साफ न होने की समस्या हो सकती है। डाइट में फाइबर की कमी, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण ये दिक्कत हो सकती है। लगातार कब्ज रहती है तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
विज्ञापन
1 of 4
Home Remedy For Constipation - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपको भी अक्सर कब्ज की समस्या बनी रहती है, पेट भारी-भारी सा लगता है और शौच करने में दिक्कत होती है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कब्ज पाचन की आम समस्या है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे तो परेशानी बढ़ सकती है। कब्ज की समस्या के कारण मल सख्त या सूखा होने, शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने या पेट पूरी तरह साफ न होने जैसी दिक्कतें होती हैं। खान-पान और जीवनशैली में गड़बड़ी को विशेषज्ञ इसका प्रमुख कारण मानते हैं।

डॉक्टर बताते हैं, डाइट में फाइबर की कमी, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना, शारीरिक गतिविधि कम होना और शौच को बार-बार रोकना इसके जोखिमों को बढ़ा सकता हैं। कुछ दवाएं और दूसरी बीमारियों के कारण भी कब्ज की समस्या बनी रह सकती है। उम्र बढ़ने के साथ भी कुछ लोगों में कब्ज की दिक्कत बढ़ जाती है। आइए जान लेते हैं कि रोज की कौन सी आदतें कब्ज की दिक्कत को बढ़ाने वाली हो सकती हैं, जिसमें तुरंत सुधार की जरूरत है?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
डाइट में फाइबर वाली चीजें - फोटो : Adobe Stock
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर कब्ज लगातार बना रहे या इसके साथ खून आए, पेट में तेज दर्द, उल्टी या वजन कम होने जैसी दिक्कतें हैं तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। पेट की कुछ गंभीर बीमारियों में भी कब्ज जैसे लक्षण हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें कब्ज का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं?


डाइट में फाइबर की कमी
  • फाइबर वाली चीजें मल को नरम बनाकर आंतों से गुजरने में मदद करतीं है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बीन्स फाइबर के अच्छे स्रोत हैं।
  • अच्छी सेहत के लिए डाइट में फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।
  • फाइबर वाली चीजों के साथ में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना भी जरूरी है। पानी की कमी से पेट की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन

3 of 4
शौच रोकने की गड़बड़ी - फोटो : Freepik.com
शारीरिक गतिविधि की कमी

शरीर में पानी या तरल पदार्थों की कमी और लंबे समय तक बैठे रहने से कुछ लोगों में कब्ज की समस्या बढ़ सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से चलने-फिरने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह देते हैं। ये आदतें पाचन को बेहतर रखने में मदद करती हैं। अच्छी सेहत के लिए रोजाना 2-3 लीटर पानी पीना जरूरी माना जाता है।
 

शौच को रोकने की आदत

बार-बार शौच की इच्छा को रोकने की आदत भी कब्ज को बढ़ावा दे सकती है। शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय नियमित समय पर टॉयलेट जाने की आदत बनाना चाहिए। पैरों के नीचे छोटा स्टूल रखने से भी कुछ लोगों को शौच के दौरान बेहतर पोजीशन मिल सकती है।
 
  • कुछ दवाएं और आयरन सप्लीमेंट भी कब्ज का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, थायरॉइड, डायबिटीज या आंतों से जुड़ी कुछ बीमारियों में भी कब्ज की दिक्कत बढ़ सकती हैं। 
विज्ञापन

4 of 4
खान-पान को लेकर सावधानी - फोटो : Freepik.com
कब्ज से बचाव के क्या तरीके हैं?
 
  • रोजाना फाइबर वाले खाद्य पदार्थ लें।
  • पर्याप्त तरल पदार्थ पिएं।
  • नियमित वॉक या दूसरी शारीरिक गतिविधि करें।
  • शौच की इच्छा को न रोकें।

कब्ज बार-बार होने पर इसके कारणों को जानने के लिए समय रहते डॉक्टर से मिलकर जांच कराएं।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें