सप्लीमेंट्स के नुकसान
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आयरन, मैग्नीशियम और ओमेगा-3 भी सीमित मात्रा में सेवन करें
बहुत से लोग बिना जांच कराए आयरन सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं, जबकि शरीर में आयरन की अधिकता भी नुकसानदायक हो सकती है। अतिरिक्त आयरन दिल, लिवर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
- इसी तरह, जरूरत से ज्यादा मैग्नीशियम लेने से लो ब्लड प्रेशर, मतली, कमजोरी और किडनी संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों की किडनी पहले से कमजोर है, उनमें यह जोखिम और अधिक बढ़ जाता है।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड को दिल के लिए लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसकी अत्यधिक मात्रा खून को जरूरत से ज्यादा पतला कर सकती है।
- इससे ब्लीडिंग और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है, विशेष रूप से उन लोगों में जो पहले से खून को पतला करने की दवाएं ले रहे हैं।
संतुलित आहार है सबसे सुरक्षित विकल्प
अधिकांश लोगों की पोषण संबंधी जरूरतें संतुलित और पौष्टिक भोजन से पूरी हो सकती हैं। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, दूध, मेवे और बीज शरीर को विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट प्रदान करते हैं।
इसी वजह से चिकित्सक अक्सर सप्लीमेंट्स शुरू करने से पहले खान-पान सुधारने की सलाह देते हैं। इसके अलावा नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए उतना ही जरूरी है। केवल सप्लीमेंट्स के भरोसे बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद नहीं की जा सकती है।