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चक्कर आना: बार-बार सिर घूमने के पीछे हो सकते हैं ये कारण, जानिए कब ये खतरे का संकेत

Wed, 23 Sep 2026 09:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बार-बार चक्कर आने का मतलब हमेशा लो ब्लड प्रेशर नहीं होता। पानी की कमी, लो शुगर, एनीमिया, माइग्रेन, अंदरूनी कान की बीमारी और दवाओं के कारण भी चक्कर आ सकते हैं। अगर चक्कर के साथ कमजोरी, सुन्नपन, बोलने या देखने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टरी मदद लेना जरूरी है।
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चक्कन आने की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
चक्कर आने की समस्या बहुत कॉमन है, आमतौर पर इसे थकान और शरीर में पानी की कमी से जोड़कर देखा जाता रहा है। इसमें अचानक खड़े होते ही सिर घूमने लगता है, चलते समय शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है या ऐसा महसूस होता है जैसे आसपास की चीजें घूम रही हों।

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि शरीर में पानी की कमी, लो ब्लड शुगर, आयरन की कमी, कान की अंदरूनी समस्या  या कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण चक्कर आ सकते हैं। कुछ मामलों में चक्कर किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि चक्कर कब और किस स्थिति में आ रहे हैं। 

अगर आपको बार-बार चक्कर आ रहा है और ये बढ़ रहा है तो इसे सामान्य समस्या समझकर अनदेखा करने की गलती नहीं करनी चाहिए।
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
लो ब्लड प्रेशर की समस्या

बैठे या लेटे रहने के बाद अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए लो सकता है। इसे पोस्टुरल या ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन कहा जाता है। इसमें चक्कर, कमजोरी या आंखों के सामने अंधेरा जैसा महसूस हो सकता है। आमतरौ पर इस तरह की समस्याओं के लिए शरीर में पानी की कमी, गर्मी और कुछ दवाओं को कारण माना जाता है।
 
  • जब ब्लड प्रेशर 90/60 से कम हो जाता है, तो इसे लो बीपी या हाइपोटेंशन कहते हैं। इसके कारण मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन और रक्त नहीं पहुंच पाता और चक्कर आने लगते हैं।
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कानों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
कानों की समस्या के कारण घूम सकता है सिर

अगर चक्कर के साथ ऐसा लगे कि कमरा या आसपास की चीजें घूम रही हैं, तो अंदरूनी कान की समस्या इसकी एक वजह हो सकती है। लैबिरिंथाइटिस आंतरिक कान का एक संक्रमण है, जो संतुलन और सुनने की क्षमता को प्रभावित करता है।
 
  • लैबिरिंथाइटिस जैसी स्थिति में चक्कर के साथ मतली, उल्टी या सुनने में दिक्कत भी हो सकती है।
  •  कुछ लोगों में माइग्रेन, लो ब्लड शुगर और आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया भी चक्कर की समस्या का बढ़ाने वाला हो सकता है।
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कब जाएं डॉक्टर के पास - फोटो : Adobe stock
इन लक्षणों के साथ चक्कर आए तो हो जाएं सावधान

चक्कर के साथ बोलने या सुनने में परेशानी, डबल विजन, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन जैसी समस्या हो तो इसपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। 
 
  • बेहोशी, तेज सिरदर्द या चलने में गंभीर परेशानी हो तो इसे सामान्य न मानें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है। 
  • बार-बार चक्कर आने पर डॉक्टर लक्षणों के आधार पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, खून की जांच, कान की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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