Reasons You Feel Sleepy After Eating: अगर आप उन लोगों में से हैं, जिन्हें दोपहर में बार-बार झपकी आती है, तो इस लेख को अवश्य पढ़ें। हम आपको यहां बताएंगे इसके कारण....
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दोपहर की नींद कहीं बीमारी का इशारा तो नहीं?
- फोटो : AI
Reasons You Feel Sleepy After Eating: दोपहर में खाना खाने के बाद कुछ देर के लिए नींद या सुस्ती महसूस होना आम बात है। लेकिन अगर आपको रोजाना दोपहर में इतनी ज्यादा नींद आने लगे कि काम, पढ़ाई या रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने लगें, तो इसे सिर्फ थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
शारीरिक समस्याओं के साथ-साथ कुछ दवाएं और जीवनशैली से जुड़ी आदतें भी दिन में अत्यधिक नींद का कारण बन सकती हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि सामान्य दोपहर की झपकी और जरूरत से ज्यादा नींद में क्या अंतर है और किन लक्षणों के साथ दिन में आने वाली नींद किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है।
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दोपहर की नींद कहीं बीमारी का इशारा तो नहीं?
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दोपहर में बार-बार नींद आना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है?
स्लीप एपनिया
अगर रात में तेज खर्राटे आते हैं, नींद के दौरान सांस रुकने या घुटने जैसा महसूस होता है और सुबह उठने के बाद भी थकान रहती है, तो स्लीप एपनिया एक संभावित कारण हो सकता है। रात में नींद बार-बार बाधित होने से दिन में अत्यधिक नींद आ सकती है।
एनीमिया
शरीर में आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी से जुड़ा हो सकता है। ऐसे व्यक्ति को दिन में सामान्य से ज्यादा सुस्ती महसूस हो सकती है।
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थायरॉइड की समस्या
हाइपोथायरॉइडिज्म में शरीर की कई प्रक्रियाएं धीमी हो सकती हैं। थकान, सुस्ती, वजन बढ़ना, ठंड ज्यादा लगना और एकाग्रता में कमी जैसे लक्षण इसके साथ दिखाई दे सकते हैं।
डायबिटीज और ब्लड शुगर में बदलाव
ब्लड शुगर का असंतुलन कुछ लोगों में थकान और सुस्ती का कारण बन सकता है। अगर दिन में नींद के साथ बार-बार प्यास लगना, पेशाब आना, भूख में बदलाव या बिना वजह वजन घटने-बढ़ने जैसे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
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डिप्रेशन और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं
लगातार उदासी, किसी काम में रुचि न रहना, ऊर्जा की कमी और नींद के पैटर्न में बदलाव के साथ दिन में बहुत ज्यादा नींद आना मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
रात में नींद पूरी न होना
हर बार इसके पीछे कोई बीमारी हो, यह जरूरी नहीं। देर रात तक जागना, बार-बार नींद टूटना, अनियमित सोने का समय और सोने से पहले स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल भी दिन में नींद बढ़ा सकता है।
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कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर पर्याप्त रात की नींद लेने के बावजूद आपको रोजाना बहुत ज्यादा नींद आती है, काम करते समय आंखें बंद होने लगती हैं, वाहन चलाते समय झपकी आती है या समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर खर्राटे, सांस रुकना, लगातार कमजोरी, वजन में अचानक बदलाव या अन्य नए लक्षण साथ हों तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।