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Health Tips: आखिर क्यों होते हैं शरीर पर फोड़े और फुंसी? जानें इसके पीछे की तीन बड़ी वजहें

Tue, 19 Aug 2025 07:59 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर कुछ लोग फोड़े और फुंसी की वजह से परेशान रहते हैं। इसको लेकर बहुत लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर ये परेशानी क्यों हो रही है। आइए इस लेख इसी के बारे में समझने की कोशिश करते हैं।
 
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फोड़ा और फुंसी - फोटो : Adobe Stock
Boils and Pimples Causes: फोड़े और फुंसी होना एक बहुत ही आम बात है, जिससे अक्सर कुछ लोग परेशान रहते हैं। यह समस्या सामान्य तौर पर छोटे बच्चों में देखने को मिलती है। शरीर पर फोड़ा होना एक सामान्य बात जरूर है, लेकिन अगर समय रहते हैं ध्यान न दिया तो यह गंभीर हो सकता है। फोड़े लाल सूजे हुए और पस से भरे हुए उभार होते हैं जो आपके स्वास्थ्य के बारे में कई महत्वपूर्ण संकेत भी देते हैं।

फोड़े और फुंसी तब बनते हैं जब बैक्टीरिया हमारे रोमछिद्रों में घुस जाते हैं और संक्रमण फैलाते हैं। इस संक्रमण से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिक्रिया करती है, जिससे सूजन और पस का बनने लगता है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि सिर्फ बैक्टीरिया ही इसके लिए जिम्मेदार नहीं होते। हमारी कुछ आदतें, स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां और पर्यावरणीय कारक भी फोड़े-फुंसी के होने का खतरा बढ़ाते हैं। इन कारणों को जानकर और उनसे बचकर हम अपनी त्वचा को स्वस्थ रख सकते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे की तीन सबसे बड़ी वजहें।
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फोड़ा और फुंसी - फोटो : Adobe Stock
खराब व्यक्तिगत स्वच्छता
फोड़े और फुंसी का सबसे बड़ा कारण खराब व्यक्तिगत स्वच्छता है। जब हम नियमित रूप से अपने शरीर को साफ नहीं करते हैं, तो त्वचा पर तेल, पसीना और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। ये बैक्टीरिया रोमछिद्रों में घुसकर संक्रमण पैदा करते हैं, जिससे फोड़े-फुंसी हो जाते हैं। इसलिए, नियमित रूप से स्नान करना और त्वचा को साफ रखना बहुत जरूरी है।

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इम्युनिटी - फोटो : Adobe stock photos
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली
अगर आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, तो आपका शरीर बाहरी बैक्टीरिया और कीटाणुओं से ठीक से लड़ नहीं पाता। डायबिटीज के मरीज, या ऐसे लोग जो लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, उनमें फोड़े-फुंसी होने का खतरा अधिक होता है। स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जा सकता है।

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पेट की समस्या - फोटो : Adobe stock
पाचन क्रिया की वजह से होते हैं फोड़ें
जब हमारी पाचन क्रिया सही से काम नहीं करती, तो शरीर भोजन से विषाक्त पदार्थों को पूरी तरह से बाहर नहीं निकाल पाता। ये विषाक्त पदार्थ रक्त में जमा होने लगते हैं और शरीर उन्हें त्वचा के माध्यम से बाहर निकालने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में ये विषाक्त पदार्थ त्वचा के रोमछिद्रों को बंद कर देते हैं, जिससे संक्रमण होता है और फोड़े या फुंसी होने लगते हैं।
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तनाव, स्ट्रेस - फोटो : Freepik.com
हार्मोनल असंतुलन और तनाव
इन तीन प्रमुख कारणों के अलावा एक कारण और है जिसकी वजह से फोड़े और फुंसी होते हैं, और वो है हार्मोनल असंतुलन। खासकर किशोरावस्था के दौरान, मुंहासे और फुंसी का एक प्रमुख कारण होता है। इसके अलावा तनाव भी शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन को बढ़ाता है, जो त्वचा में तेल उत्पादन को बढ़ा सकता है, जिससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और फोड़े-फुंसी हो सकते हैं। तनाव को नियंत्रित करके इस समस्या को कम किया जा सकता है।
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डॉक्टर - फोटो : Freepik.com
बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां
फोड़े-फुंसी से बचने के लिए, अपनी त्वचा को हमेशा साफ रखें। संतुलित आहार लें, और खूब पानी पिएं। अगर आपको बार-बार यह समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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