छोटे बच्चों में हार्ट अटैक
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क्या टॉडलर और प्री-स्कूलर बच्चे भी हो सकते हैं दिल की बीमारियों का शिकार?
बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ आरती सिन्हा बताती हैं, आमतौर पर टॉडलर (1 से 3 साल) बच्चों में हार्ट अटैक का जोखिम बहुत कम होता है, इस तरह के मामले काफी दुर्लभ माने जाते हैं। ये उम्र चलने-फिरने, दौड़ने वाला होता है। लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण टॉडलर या प्री-स्कूलर (3-5 साल) बच्चों में दिल का दौरा पड़ना बहुत दुर्लभ है।
कुछ बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, हार्ट की खराबी, आनुवांशिक हार्ट से संबंधित समस्याओं या कावासाकी बीमारी जैसी दुर्लभ बीमारियों के कारण दिल से संबंधित रोगों और जटिलताओं का खतरा हो सकता है।
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