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Anemia Risks: सिर्फ आयरन ही नहीं कॉपर की कमी भी आपको बना सकती है एनीमिया का शिकार, कैसे दूर करें खतरा?

Tue, 23 Jun 2026 08:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर लोग मानते हैं कि एनीमिया का मतलब केवल आयरन की कमी है, लेकिन शरीर में कॉपर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी भी लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को प्रभावित कर सकती है।
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एनीमिया का खतरा - फोटो : Freepik.com
क्या आपको भी बिना ज्यादा मेहनत किए थकान महसूस होती है, सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूल जाती है, चेहरा पीला दिखने लगा है या बार-बार चक्कर आते हैं? तो समय रहते डॉक्टर से मिल लें, ये एनीमिया यानी खून की कमी का संकेत हो सकता है। 

भारत में महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया एक बड़ी समस्या है। मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव, गर्भावस्था, पोषण की कमी को इसका कारण माना जाता है। अक्सर लोग मानते हैं कि एनीमिया का मतलब केवल आयरन की कमी है, लेकिन शरीर में कॉपर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी भी लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को प्रभावित कर सकती है। कॉपर आयरन के सही उपयोग और हीमोग्लोबिन बनने की प्रक्रिया में मदद करता है। यदि इसकी कमी हो जाए तो पर्याप्त आयरन होने पर भी शरीर उसका प्रभावी उपयोग नहीं कर पाता।
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खून की कमी कैसे दूर करें? - फोटो : Freepik.com
एनीमिया के खतरे को जानिए

एनीमिया वह स्थिति है जिसमें शरीर में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन नहीं होता। इससे ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कम हो जाती है।  आयरन की कमी इसका सबसे सामान्य कारण है। पर क्या आप जानते है कि विटामिन बी12, फोलेट, कॉपर की कमी  भी इसकी वजह बन सकते हैं।
 
  • एनीमिया की समस्या शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, गर्भावस्था, बच्चों के विकास और जीवन की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है। 
  • कॉपर और आयरन दोनों की कमी नसों, मस्तिष्क, ऊर्जा स्तर और अन्य शारीरिक प्रणालियों को भी प्रभावित कर सकती है। 
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थकान-कमजोरी की स्थिति - फोटो : Freepik.com
कॉपर की कमी से एनीमिया का खतरा

कॉपर शरीर में आयरन के परिवहन और उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित हो सकता है।
  • कुछ मामलों में लंबे समय तक अत्यधिक जिंक सप्लीमेंट लेने, अवशोषण संबंधी समस्याओं या कुछ चिकित्सीय स्थितियों के कारण कॉपर की कमी देखी जाती है।
  • कॉपर की कमी केवल खून की कमी तक सीमित नहीं रहती। इससे नसों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
  • आपको हाथ-पैरों में झुनझुनी, चलने में असंतुलन, इम्युनिटी की समस्या भी हो सकती हैं। 

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डाइट से करें आयरन की पूर्ति - फोटो : Freepik.com
आयरन की कमी से एनीमिया 

आयरन हीमोग्लोबिन बनाने के लिए सबसे जरूरी है। जब शरीर में आयरन कम हो जाता है तो पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता और लाल रक्त कोशिकाओं की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता घट जाती है। 
आयरन की कमी से थकान, कमजोरी, पीली त्वचा और कार्यक्षमता में कमी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। 
 
  • आयरन की कमी मानसिक क्षमता, शारीरिक ताकत पर भी असर डाल सकती है। 
  • गंभीर मामलों में दैनिक कार्य करना भी कठिन हो सकता है। 
  • गर्भवती महिलाओं में इसका विशेष महत्व है क्योंकि इससे मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है।
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एनीमिया में क्या करें? - फोटो : Adobe Stock Photo
कैसे करें इसकी पूर्ति

आयरन के लिए दालें, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, बाजरा, गुड़, सूखे मेवे और आवश्यकता अनुसार पशु-आधारित स्रोत उपयोगी हो सकते हैं। विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ आयरन के अवशोषण में भी मदद करते हैं।
 
  • मेवे, सीड्स, साबुत अनाज, दालें कॉपर का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं। 
  • आयरन-कॉपर की गंभीर कमी में डॉक्टर सप्लीमेंट्स की सलाह दे सकते हैं। हालांकि  बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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