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Health Risk: महिलाओं में प्रजनन समस्याओं की बड़ी वजह है ये आम दिक्कत, कहीं आप भी तो नहीं हैं शिकार?

Thu, 25 Dec 2025 09:05 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • एनीमिया की स्थिति क्या प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है। जिन लोगों में खून की कमी है क्या वह स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकते हैं?
  • एनीमिया वाली महिलाओं को ओवुलेशन में परेशानी होती है और ओवुलेशन नहीं होने से गर्भवती होना लगभग असंभव हो जाता है।
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महिलाओं में स्वास्थ्य की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
एनीमिया यानी कि खून की कमी, महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है, विशेषकर भारतीय महिलाओं में इसका जोखिम अधिक पाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि आहार में आयरन-फोलेट जैसे पोषक तत्वों की कमी या फिर कुछ अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियां जिसके कारण शरीर में इन पोषक तत्वों का अवशोषण नहीं हो पाता है उसके कारण एनीमिया की समस्या हो सकती है। इसके अलावा जिन लोगों में एनीमिया होती है, अगर इसका समय पर निदान और इलाज न किया जाए तो यह शरीर में कई प्रकार की अन्य बीमारियों को बढ़ाने का कारण भी बन सकती है।

रक्त में 13.5 gm/dl से कम हीमोग्लोबिन इस बात का सूचक है कि आपको एनीमिया की समस्या हो सकती है। सिर्फ महिला ही नहीं पुरुष भी इसके शिकार हो सकते हैं।

अब सवाल उठता है कि एनीमिया की स्थिति क्या प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है। जिन लोगों में खून की कमी है क्या वह स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकते हैं? आइए इस बारे में जानते हैं।
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आयरन की कमी-एनीमिया का खतरा - फोटो : Freepik.com
शरीर के कार्यों के लिए आयरन महत्वपूर्ण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आयरन शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्य करता है, कोशिकाओं के विकास और निर्माण में इसकी भूमिका मानी जाती है। शोध इस तरफ इशारा करते हैं कि शरीर में आयरन की कमी प्रजनन विकार, जन्म के समय कम वजन, समय से पहले प्रसव और यहां तक कि गर्भपात तक का कारण बन सकती है।

एनीमिया वाली महिलाओं को ओवुलेशन में परेशानी होती है और ओवुलेशन नहीं होने से गर्भवती होना लगभग असंभव हो जाता है।
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गर्भधारण की दिक्कतें - फोटो : Adobe Stock
एनीमिया का प्रजनन पर असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आयरन की कमी होने पर गर्भाशय-अंडाशय जैसे आवश्यक अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त की मात्रा कम हो जाती है, यह स्थिति अंडे की गुणवत्ता में खराबी और प्रजनन की अन्य जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। हालांकि, वर्तमान शोध बताते हैं कि लगभग 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त आयरन नहीं मिल रहा है। 

महिलाओं की तरह पुरुषों में भी एनीमिया होने पर प्रजनन और शुक्राणुओं से संबंधित दिक्कत होने का खतरा रहता है।

सही निदान और उपचार जरूरी

यदि आपमें खून की कमी का निदान होता है तो डॉक्टर की सलाह पर इसका सही उपचार और नियमित परीक्षण करना बहुत महत्वपूर्ण है। आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया तब होता है जब आपके शरीर में फेरिटिन या हीमोग्लोबिन का स्तर कम होता है, या दोनों कम होते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान आयरन की खुराक लेती हैं, उनमें एनीमिया और इसके कारण होने वाली समस्याओं और बच्चे के जन्म की जटिलताओं को भी कम किया जा सकता है।
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डाइट को रखें ठीक - फोटो : Freepik.com
आयरन वाली चीजों का करें सेवन

यदि आपको खून की कमी नहीं भी है तो भी आहार की पौष्टिकता का ध्यान रखें, इसमें पर्याप्त मात्रा में आयरन वाली चीजों को जरूर शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स आदि के माध्यम से आसानी से शरीर के लिए आवश्यक आयरन की पूर्ति की जा सकती है। गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह पर आयरन की गोलियों का सेवन करें, जिससे अगले चरणों में इससे संबंधित समस्याओं को कम किया जा सके।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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