गर्भधारण की दिक्कतें
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एनीमिया का प्रजनन पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आयरन की कमी होने पर गर्भाशय-अंडाशय जैसे आवश्यक अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त की मात्रा कम हो जाती है, यह स्थिति अंडे की गुणवत्ता में खराबी और प्रजनन की अन्य जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। हालांकि, वर्तमान शोध बताते हैं कि लगभग 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त आयरन नहीं मिल रहा है।
महिलाओं की तरह पुरुषों में भी एनीमिया होने पर प्रजनन और शुक्राणुओं से संबंधित दिक्कत होने का खतरा रहता है।
सही निदान और उपचार जरूरी
यदि आपमें खून की कमी का निदान होता है तो डॉक्टर की सलाह पर इसका सही उपचार और नियमित परीक्षण करना बहुत महत्वपूर्ण है। आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया तब होता है जब आपके शरीर में फेरिटिन या हीमोग्लोबिन का स्तर कम होता है, या दोनों कम होते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान आयरन की खुराक लेती हैं, उनमें एनीमिया और इसके कारण होने वाली समस्याओं और बच्चे के जन्म की जटिलताओं को भी कम किया जा सकता है।