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High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर के लिए सिर्फ नमक ही 'विलेन' नहीं, ये चीजें भी बढ़ा सकती हैं खतरा

Fri, 05 Sep 2025 07:49 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • विशेषज्ञ, हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर समस्या के रूप में वर्गीकृत करते हैं क्योंकि ये धीरे-धीरे शरीर के हर अंग को चुपचाप नुकसान पहुंचाने लगती है।
  • जिन लोगों में हाई बीपी की दिक्कत होती है उनमें हृदय और किडनी रोगों के साथ, आंखों और दिमाग से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं।
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हाई ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर भले ही आज के समय में एक आम सी समस्या बन गई है, पर असलियत ये है कि ये स्थिति सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है। कम उम्र के लोगों में भी ब्लड प्रेशर की दिक्कत अब तेजी से बढ़ती जा रही है। आधुनिक जीवनशैली ने तनाव, नींद की कमी, फास्ट फूड की लत और बैठे रहने की आदत बना दी है। नतीजा ये है कि हाई ब्लड प्रेशर की उम्र घट गई और अब ये युवाओं को भी अपना शिकार बनाता जा रहा है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ ब्लड प्रेशर को 'साइलेंट किलर' समस्या के रूप में वर्गीकृत करते हैं क्योंकि ये धीरे-धीरे शरीर के हर अंग को चुपचाप नुकसान पहुंचाने लगता है। जिन लोगों में हाई बीपी की दिक्कत होती है उनमें हृदय और किडनी रोगों के साथ, आंखों और दिमाग से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।

क्या आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है?
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नमक और ब्लड प्रेशर का खतरा - फोटो : Freepik
सिर्फ नमक ही नहीं है विलेन

आमतौर पर लोग सोचते हैं कि सिर्फ आहार से नमक की मात्रा को ही कम कर दिया जाए तो ये हाई ब्लड प्रेशर से बचाए रखने में मददगार है, पर ये बात पूरी तरह से सही नहीं है। आहार विशेषज्ञ बताते हैं, सिर्फ नमक ही नहीं, चीनी- ज्यादा कैफीन, शराब-धूम्रपान और लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहना भी समस्याएं बढ़ाने वाला हो सकता है। 

आइए जानते हैं कि नमक के अलावा और किन-किन चीजों के कारण भी आपका ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है? 
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
इन चीजों से भी बढ़ता है ब्लड प्रेशर

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नमक के अलावा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन और पेय पदार्थों में पाई जाने वाली अतिरिक्त चीनी भी रक्तचाप बढ़ा सकती है। इन चीजों के अधिक सेवन के कारण दिल का दौरा, स्ट्रोक और समय से पहले मौत का खतरा भी बढ़ सकता है।

शोध से पता चलता है कि जो लोग अपनी दैनिक कैलोरी का एक चौथाई से अधिक, ऐडेड शुगर वाली चीजों से प्राप्त करते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और इससे मरने की आशंका तीन गुना तक अधिक हो सकती है। आमतौर पर कोल्ड ड्रिंक्स-सोडा और रेडी टू ईट खाद्य पदार्थों में ऐडेड शुगर की मात्रा अधिक होती है।

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मेटाबॉलिज्म से संबंधित दिक्क्तें - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का कहना है कि अतिरिक्त शुगर और इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी की कमी के कारण लोग तय मात्रा से ज्यादा चीनी का सेवन कर रहे हैं, जिससे कई संभावित जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है।

पहले के अध्ययनों में भी ये स्पष्ट हो चुका है कि अधिक चीनी के सेवन और मेटाबॉलिक सिंड्रोम के बीच गहरा संबंध है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम के कारण व्यक्ति में टाइप-2 डायबिटीज, ब्लड प्रेशर से लेकर हृदय तथा रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली अन्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है।
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किडनी से संबंधित दिक्कतें - फोटो : Adobe stock
यूरिक एसिड और इससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा

कुछ शोधकर्ताओं ने यह भी सुझाव दिया है कि अतिरिक्त शर्करा वाली चीजें शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को भी बढ़ा सकती है।

यूरिक एसिड का उच्च स्तर किडनी में नाइट्रिक ऑक्साइड के सामान्य उत्पादन में बाधा डाल सकती है, जो रक्त वाहिकाओं को शिथिल करने में मदद करता है। ऐसा माना जाता है कि यूरिक एसिड की अधिकता किडनी में रक्त वाहिकाओं को संकुचित करके  ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है। 

शोधकर्ताओं का सुझाव है कि ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए नमक के साथ एडेड शुगर और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करना भी जरूरी है। खानपान में इन सुधारों के साथ शारीरिक सक्रियता को बढ़ाना भी जरूरी है।




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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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